खाड़ी में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, 24x7 हेल्पलाइन सक्रिय: विदेश मंत्रालय
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय ने 7 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि खाड़ी क्षेत्र में तैनात भारतीय नाविकों और भारतीय ध्वज वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के समन्वय से 24 घंटे सक्रिय हेल्पलाइन के ज़रिये नाविकों की मदद के लिए तत्पर हैं।
मुख्य घटनाक्रम
प्रवक्ता जायसवाल ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में स्थित सभी भारतीय मिशन शिपिंग मंत्रालय, संबंधित देशों की समुद्री प्राधिकरणों और अन्य अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ये हेल्पलाइन सेवाएं केवल नाविकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध हैं और पिछले कई महीनों से अनवरत जारी हैं।
संसद में सरकार का बयान
इसी दिन केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने संसद को सूचित किया कि खाड़ी क्षेत्र से अब तक 4,052 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 3 अगस्त तक भारत आने वाले 62 जहाज — जिनमें 23 भारतीय ध्वज और 39 विदेशी ध्वज वाले जहाज शामिल थे — होर्मुज स्ट्रेट से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं।
समुद्री सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम
मंत्री सोनोवाल ने यह भी बताया कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष की पृष्ठभूमि में समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (DGMA) लगातार अपनी एडवाइजरी अपडेट कर रहा है। सरकार ने होर्मुज स्ट्रेट में नाविकों की सुरक्षा के लिए एक समर्पित 24x7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है, जहाजों और चालक दल का लाइव डेटाबेस बनाए रखा जा रहा है, और हर 24 घंटे में जहाजों की आवाजाही, नाविकों की स्थिति तथा घटनाओं का स्टेटस अपडेट जारी किया जा रहा है।
सरकार की अपील
प्रवक्ता जायसवाल ने सभी पक्षों से अपील की कि वे आम नागरिकों और नागरिक ढाँचे — विशेष रूप से वाणिज्यिक जहाजों और उनमें कार्यरत नाविकों — को निशाना बनाने से बचें। उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षित और निर्बाध आवागमन तथा व्यापार के सुचारु संचालन की पैरवी करता रहेगा।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ी हुई है। सरकार के अनुसार, निगरानी तंत्र और हेल्पलाइन सेवाएं आगे भी जारी रहेंगी और स्थिति के अनुसार उन्हें और मज़बूत किया जाएगा।