सरकार ने खाड़ी क्षेत्र से 286 भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी की पुष्टि की
सारांश
Key Takeaways
- सरकार ने 286 भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी की पुष्टि की।
- डीजी शिपिंग ने इस प्रक्रिया का संचालन किया।
- कंट्रोल रूम में 3,030 कॉल और 5,497 ईमेल प्राप्त हुए।
- भारत के सभी नाविक खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षित हैं।
- जेएनपीए ने ट्रांसशिपमेंट स्टोरेज में छूट की घोषणा की है।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सरकार ने सोमवार को जानकारी दी कि खाड़ी क्षेत्र से कुल 286 भारतीय नाविकों (सीफेयरर्स) को सुरक्षित रूप से भारत लौटाया गया है, जिसमें पिछले 48 घंटों में 33 नाविकों की स्वदेश वापसी शामिल है। यह सुरक्षित वापसी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (डीजी शिपिंग) द्वारा सुनिश्चित की गई है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, कंट्रोल रूम की स्थापना के बाद से अब तक नाविकों, उनके परिवारों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों की सहायता के लिए 3,030 फोन कॉल और लगभग 5,497 ईमेल प्राप्त हुए हैं।
पिछले 48 घंटों में 310 से ज्यादा कॉल और 597 ईमेल मदद और जानकारी के लिए आए हैं।
बयान में कहा गया है, "देशभर के प्रमुख बंदरगाहों पर जहाजों की आवाजाही और कार्गो संचालन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और शिपिंग कंपनियों तथा कार्गो से जुड़े हितधारकों को सहयोग किया जा रहा है। इसके अंतर्गत एंकरज (लंगरगाह), बर्थ किराया और स्टोरेज शुल्क में रियायतें भी दी जा रही हैं। बंदरगाह कस्टम और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर कार्गो संचालन को सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।"
मंत्रालय ने जानकारी दी है कि खाड़ी क्षेत्र में उपस्थित सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय नाविक से जुड़ी कोई समुद्री घटना नहीं घटी है।
फिलहाल फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में 22 भारतीय झंडे वाले जहाज हैं, जिनमें 611 भारतीय नाविक कार्यरत हैं। डीजी शिपिंग स्थिति पर नज़र बनाए रखने के लिए जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय मिशनों के साथ समन्वय कर रहा है।
मंत्रालय ने बताया कि जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) ने मध्य पूर्व जाने वाले कंटेनरों के लिए अस्थायी ट्रांसशिपमेंट स्टोरेज की व्यवस्था की है। साथ ही, ग्राउंड रेंट और ड्वेल टाइम चार्ज में 100 प्रतिशत तक छूट दी गई है, जबकि रीफर कंटेनर प्लग-इन चार्ज में 15 दिन तक लगभग 80 प्रतिशत की छूट दी गई है।
बयान में आगे कहा गया है, "फिलहाल किसी भी बड़े बंदरगाह पर भीड़ की स्थिति नहीं है। जेएनपीए पर निर्यात के लिए तैयार कंटेनरों की संख्या लगभग 3,900 रह गई है।"
इसके अलावा, बंदरगाह खाड़ी क्षेत्र की ओर जाने वाले जहाजों को सुरक्षित लंगरगाह भी उपलब्ध करा रहे हैं, जो खाड़ी देशों की ओर जा रहे हैं और वर्तमान में आवागमन करने में असमर्थ हैं।
सरकार ने बताया कि संचालन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के लिए डीजी शिपिंग के अंतर्गत एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया गया है, जिसमें कस्टम, बंदरगाह और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों, शिपिंग कंपनियों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ मिलकर भारतीय नाविकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार को सुचारू बनाए रखने के लिए निरंतर समन्वय कर रहा है।