एमटी जलवीर के 20 भारतीय नाविक स्वदेश लौटेंगे, राजदूत प्रशांत पिसे ने मस्कट में की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
ओमान में भारत के राजदूत प्रशांत पिसे ने सोमवार, 15 जून 2026 को मस्कट में एमटी जलवीर के 20 भारतीय क्रू सदस्यों से मुलाकात की और उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी की कामना की। ओमानी अधिकारियों के सहयोग से सभी नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और उन्हें शीघ्र भारत भेजा जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
11 जून 2026 को ओमान के शिनास बंदरगाह के निकट गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले कमर्शियल जहाज एमटी जलवीर पर हमला हुआ। जहाज पर सवार सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए। ओमान की रॉयल नेवी की सहायता से क्रू को शिनास बंदरगाह तक सुरक्षित पहुँचाया गया।
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि राजदूत ने क्रू सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और दूतावास उनकी कुशलता व सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार की प्रतिक्रिया
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने 11 जून को पश्चिम एशिया की स्थिति पर आयोजित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में कहा, 'इस इलाके में कमर्शियल शिपिंग पर असर डालने वाली लगातार घटनाएं बहुत चिंता की बात हैं। हम नाविकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय समुद्र क्षेत्र से बिना किसी रुकावट के नेविगेशन और कॉमर्स बनाए रखने की अहमियत को दोहराते हैं।'
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी इसी ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि नई दिल्ली भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने पश्चिम एशिया में जहाजों पर बार-बार हो रहे हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ये घटनाएं क्षेत्र में जारी संघर्ष से जुड़ी हैं।
आम जनता और नाविकों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में समुद्री मार्गों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे भारतीय नाविकों की सुरक्षा एक गंभीर राष्ट्रीय चिंता बन गई है। भारत से हज़ारों नाविक अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल जहाजों पर कार्यरत हैं और इस क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता उनके परिवारों के लिए भी चिंता का विषय है।
गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है जब इस क्षेत्र में भारतीय नाविकों को संकट का सामना करना पड़ा हो। हाल के महीनों में लाल सागर और अरब सागर में कमर्शियल जहाजों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
जायसवाल ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने की भारत की अपील दोहराई। अतिरिक्त सचिव मंगल ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार समुद्री मार्गों पर निर्बाध नेविगेशन की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
क्या होगा आगे
भारतीय दूतावास ने सभी 20 क्रू सदस्यों की शीघ्र स्वदेश वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दूतावास ने संकट में फंसे भारतीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। पश्चिम एशिया में बढ़ती समुद्री असुरक्षा को देखते हुए भारत सरकार की निगरानी और कूटनीतिक प्रयास जारी रहेंगे।