13 सितंबर 2026
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ओमान तट पर एमटी अल गैया पर हमला: एक भारतीय नाविक लापता, 13 सुरक्षित बचाए गए

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ओमान तट पर एमटी अल गैया पर हमला: एक भारतीय नाविक लापता, 13 सुरक्षित बचाए गए

सारांश

ओमान के तट पर टैंकर एमटी अल गैया पर हुए हमले के बाद भारत के 13 नाविक सुरक्षित बचाए गए, लेकिन एक अभी भी लापता है। यह पिछले महीने लाल सागर में एमएसवी फैजे नूरे ओलिया पर हुए हमले के बाद क्षेत्र में भारतीय नाविकों के लिए दूसरी बड़ी समुद्री आपातस्थिति है।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय ने 13 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि ओमान के तट पर एमटी अल गैया टैंकर पर हमला हुआ।
जहाज पर सवार 14 में से 13 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए; एक भारतीय नागरिक अभी भी लापता है।
ओमानी अधिकारी और ओमान में भारतीय दूतावास मिलकर SAR अभियान में समन्वय कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित नेविगेशन बहाल करने की माँग दोहराई।
इससे पहले 4 अगस्त 2026 को लाल सागर में एमएसवी फैजे नूरे ओलिया पर हमले में सभी 13 भारतीय सुरक्षित बचाए गए थे।

विदेश मंत्रालय ने 13 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि ओमान के तट पर पनामा के झंडे वाले वाणिज्यिक टैंकर एमटी अल गैया पर हुए हमले के बाद जहाज पर सवार 14 में से 13 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक अभी भी लापता है और उनकी तलाश जारी है।

हमले का घटनाक्रम

यह हमला रविवार सुबह ओमान के तट के निकट हुआ, जिसमें पनामा के झंडे वाला टैंकर एमटी अल गैया निशाने पर था। जहाज पर कुल 14 भारतीय चालक दल सदस्य सवार थे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) अभियान के तहत 13 भारतीय नागरिकों को सकुशल किनारे पर पहुँचा दिया गया है, जबकि एक लापता चालक दल के सदस्य की खोज के लिए ओमानी अधिकारी अभियान जारी रखे हुए हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, 'क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों, नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है।' मंत्रालय ने यह भी जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से स्वतंत्र और सुरक्षित नेविगेशन तथा वाणिज्य का प्रवाह जल्द से जल्द बहाल किया जाए। साथ ही, मंत्रालय ने तनाव कम करने और शांति स्थापित करने हेतु बातचीत व कूटनीति को आगे बढ़ाने की अपनी माँग दोहराई।

दूतावास की भूमिका और ओमान से समन्वय

ओमान में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि मिशन चल रहे SAR ऑपरेशन पर कड़ी नज़र रखे हुए है। दूतावास ने ओमानी अधिकारियों के निरंतर समर्थन और सहायता के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। मंत्रालय ने भी ओमानी अधिकारियों के साथ सक्रिय समन्वय की जानकारी दी।

पिछली घटनाओं से संदर्भ

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब भारतीय नाविकों को इस क्षेत्र में खतरे का सामना करना पड़ा है। पिछले महीने, 4 अगस्त 2026 को यमन के तट के पास लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज एमएसवी फैजे नूरे ओलिया पर हुए हमले के बाद वह जहाज डूब गया था। उस घटना में भी सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया था और रियाद में भारतीय दूतावास ने यमनी अधिकारियों के साथ समन्वय में अहम भूमिका निभाई थी। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया के समुद्री मार्गों पर हमलों की शृंखला जारी है।

आगे की स्थिति

लापता भारतीय नाविक की खोज के लिए SAR अभियान जारी है और ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि समुद्री मार्गों पर इस प्रकार के हमले न केवल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए बल्कि वैश्विक व्यापार के लिए भी गंभीर खतरा हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों में महज़ छह हफ्तों के भीतर बड़ी घटनाएँ हुई हैं। विदेश मंत्रालय की 'निंदा और कूटनीति' की भाषा परिचित है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह कूटनीतिक दबाव भारतीय नाविकों की वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त है। भारत की व्यापक समुद्री सुरक्षा नीति और इन मार्गों पर अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस बहुपक्षीय तंत्र की ज़रूरत अब केवल कूटनीतिक बयानों से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से पूरी होनी चाहिए।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमटी अल गैया पर हमला क्या हुआ और कब हुआ?
रविवार, 13 सितंबर 2026 की सुबह ओमान के तट के निकट पनामा के झंडे वाले वाणिज्यिक टैंकर एमटी अल गैया पर हमला हुआ। जहाज पर 14 भारतीय चालक दल सदस्य सवार थे।
कितने भारतीय नाविक बचाए गए और एक क्यों लापता है?
14 में से 13 भारतीय नाविकों को सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) अभियान के तहत सुरक्षित किनारे पर पहुँचाया गया है। एक भारतीय नागरिक अभी भी लापता है और ओमानी अधिकारी उनकी तलाश जारी रखे हुए हैं।
भारत सरकार ने इस हमले पर क्या कदम उठाए?
विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा की और ओमान में भारतीय दूतावास को ओमानी अधिकारियों के साथ सक्रिय समन्वय के निर्देश दिए। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर स्वतंत्र और सुरक्षित नेविगेशन बहाल करने की माँग भी दोहराई।
क्या इससे पहले भी इस क्षेत्र में भारतीय जहाजों पर हमले हुए हैं?
हाँ, 4 अगस्त 2026 को यमन के तट के पास लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले जहाज एमएसवी फैजे नूरे ओलिया पर हमला हुआ था और वह डूब गया था। उस घटना में भी सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया था।
एमटी अल गैया किस देश का जहाज था और इस पर हमला क्यों हुआ?
एमटी अल गैया पनामा के झंडे वाला वाणिज्यिक टैंकर था। हमले के पीछे के कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, हालाँकि विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में तनाव कम करने और कूटनीति को आगे बढ़ाने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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