4 अगस्त 2026
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लाल सागर में हूती हमले से भारतीय जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' डूबा, 13 भारतीय नाविकों समेत 14 चालक दल सुरक्षित बचाए

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लाल सागर में हूती हमले से भारतीय जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' डूबा, 13 भारतीय नाविकों समेत 14 चालक दल सुरक्षित बचाए

सारांश

लाल सागर में हूती हमले ने एक बार फिर भारतीय नाविकों को खतरे में डाला — इस बार भारतीय ध्वजवाहक जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' डूब गया। होदेइदाह से 13 मील दूर हुए इस हमले में 13 भारतीय नाविक सहित 14 चालक दल सदस्य बचाए गए। हूतियों ने अब तक जिम्मेदारी नहीं ली है।

मुख्य बातें

भारतीय ध्वजवाहक मालवाहक जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' लाल सागर में विस्फोटकों से लदी नाव के हमले के बाद डूब गया।
जहाज हूती नियंत्रित बंदरगाह होदेइदाह से लगभग 13 समुद्री मील दक्षिण में हमले का शिकार हुआ।
यमन की नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (एनआरएफ) ने संयुक्त बचाव अभियान में 13 भारतीय नाविकों और एक यमनी नागरिक को सुरक्षित बचाया।
सभी 14 चालक दल सदस्यों को चिकित्सकीय सहायता दी गई; किसी के हताहत होने की सूचना नहीं।
एनआरएफ ने हमले के लिए हूती समूह को जिम्मेदार ठहराया; हूतियों की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं।
पिछले महीने 23 जुलाई को भी हूतियों ने सऊदी टैंकरों 'एन्सेलिया' और 'लैला' पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए थे।

लाल सागर में 4 अगस्त 2026 को यमन के पश्चिमी तट के निकट विस्फोटकों से लदी एक नाव के हमले के बाद भारतीय ध्वजवाहक मालवाहक जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' डूब गया। यमन की सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (एनआरएफ) के अनुसार, जहाज के 14 चालक दल सदस्यों — जिनमें 13 भारतीय नाविक और एक यमनी नागरिक शामिल हैं — को सुरक्षित बचा लिया गया। हमला किस समय हुआ, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

हमले का स्थान और परिस्थितियाँ

एनआरएफ के बयान के अनुसार, यह जहाज हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले बंदरगाह शहर होदेइदाह से लगभग 13 समुद्री मील दक्षिण में हमले का शिकार हुआ। विस्फोटकों से भरी एक छोटी नाव को जहाज से टकराया गया, जिससे वह डूब गया। हमले की जिम्मेदारी एनआरएफ ने यमन के हूती समूह पर डाली है, हालाँकि हूतियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बचाव अभियान

एनआरएफ की तटरक्षक और नौसेना इकाइयों ने संयुक्त अभियान चलाकर सभी 14 चालक दल सदस्यों को सुरक्षित निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। बयान में कहा गया कि सभी को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता प्रदान की गई और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

व्यापक संदर्भ: लाल सागर में बढ़ते हमले

यह घटना ऐसे समय में आई है जब लाल सागर में हूती हमलों की श्रृंखला जारी है। पिछले महीने 23 जुलाई को हूती समूह ने दावा किया था कि उसने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों — 'एन्सेलिया' और 'लैला' — पर बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों तथा ड्रोन से हमला किया था। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) की एक सलाह के अनुसार वह हमला सऊदी अरब के अल शुकाइक शहर से लगभग 70 समुद्री मील (करीब 130 किलोमीटर) दक्षिण-पश्चिम में हुआ था। उस घटना में 'एन्सेलिया' के अगले हिस्से में आग लग गई थी, हालाँकि उसके सभी चालक दल सदस्य सुरक्षित बचाए गए थे।

हूतियों की रणनीति और समुद्री प्रतिबंध

हूती समूह का कहना है कि वह सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध लागू कर रहा है, जो उसके नियंत्रण वाले क्षेत्रों की दीर्घकालिक नाकेबंदी के जवाब में है। समूह का आरोप था कि 'एन्सेलिया' और 'लैला' ने उसके घोषित समुद्री प्रतिबंधों का उल्लंघन किया था। गौरतलब है कि यह Nवीं ऐसी घटना है जिसमें हूती हमलों ने वैश्विक शिपिंग मार्गों को प्रभावित किया है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं।

आगे की स्थिति

भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बचाए गए 13 भारतीय नाविकों की स्वदेश वापसी की प्रक्रिया और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर अद्यतन जानकारी का इंतजार है। लाल सागर में जारी अस्थिरता के मद्देनजर भारतीय शिपिंग उद्योग और नाविकों की सुरक्षा एक अहम नीतिगत चुनौती बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब नई दिल्ली की प्रतिक्रिया अब तक प्रतीक्षावादी रही है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत हिंद-प्रशांत में अपनी समुद्री शक्ति का विस्तार करने का दावा करता है, लेकिन अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस द्विपक्षीय या बहुपक्षीय तंत्र अभी भी अधूरा दिखता है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लाल सागर में डूबा भारतीय जहाज कौन सा था?
डूबा हुआ जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' था, जो भारतीय ध्वज के तहत पंजीकृत एक मालवाहक जहाज था। यह यमन के होदेइदाह बंदरगाह से लगभग 13 समुद्री मील दक्षिण में हूती हमले का शिकार हुआ।
क्या सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं?
हाँ, जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय नाविकों और एक यमनी नागरिक को यमन की नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज ने सुरक्षित बचा लिया। सभी को चिकित्सकीय सहायता दी गई और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है?
नहीं। एनआरएफ ने हमले के लिए हूती समूह को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन हूतियों की ओर से अब तक इस विशेष घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या दावा सामने नहीं आया है।
लाल सागर में हूती हमले क्यों हो रहे हैं?
हूती समूह का कहना है कि वह सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध लागू कर रहा है, जो उसके नियंत्रण वाले यमनी क्षेत्रों की दीर्घकालिक नाकेबंदी के जवाब में है। समूह ने पहले भी इस क्षेत्र में कई जहाजों को निशाना बनाया है।
इससे पहले लाल सागर में कौन से बड़े हमले हुए थे?
23 जुलाई को हूतियों ने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों 'एन्सेलिया' और 'लैला' पर बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया था। 'एन्सेलिया' के अगले हिस्से में आग लग गई थी, हालाँकि उसके चालक दल सुरक्षित रहे थे।
राष्ट्र प्रेस
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