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लाल सागर में भारतीय जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' पर हूती हमला, सभी 13 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए

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लाल सागर में भारतीय जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' पर हूती हमला, सभी 13 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए

सारांश

लाल सागर में हूती विद्रोहियों ने भारतीय मालवाहक जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' को विस्फोटक नाव से डुबो दिया — लेकिन सभी 13 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए। भारत ने कड़ी निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर तत्काल सुरक्षा बहाली की माँग की है।

मुख्य बातें

हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को लाल सागर में भारतीय ध्वजवाहक जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' पर विस्फोटक नाव से हमला किया, जहाज डूब गया।
हमला होदेइदाह बंदरगाह से लगभग 13 समुद्री मील दक्षिण में हुआ।
जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया; किसी के हताहत होने की सूचना नहीं।
नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (NRF) ने तटरक्षक और नौसेना के संयुक्त अभियान से सभी 14 चालक दल सदस्यों को बचाया।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा की और व्यापारिक जहाजों पर हमले तत्काल बंद करने की माँग की।
रियाद स्थित भारतीय दूतावास यमन के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने 4 अगस्त को लाल सागर में भारतीय ध्वजवाहक मालवाहक जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' पर हूती विद्रोहियों के हमले की कड़ी निंदा की और क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय नागरिक सुरक्षित बचा लिए गए हैं और उन्हें चिकित्सकीय सहायता प्रदान की गई है।

हमले का घटनाक्रम

यह हमला मंगलवार को यमन के पश्चिमी तट के निकट, हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले बंदरगाह शहर होदेइदाह से लगभग 13 समुद्री मील दक्षिण में हुआ। हूती विद्रोहियों ने विस्फोटकों से भरी एक नाव के ज़रिए हमले को अंजाम दिया, जिसके बाद जहाज डूब गया।

सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (NRF) ने बताया कि तटरक्षक बल और नौसेना की इकाइयों ने संयुक्त अभियान चलाकर जहाज के सभी 14 चालक दल सदस्यों को सुरक्षित बचाया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

भारत सरकार की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही और व्यापार जल्द से जल्द बहाल होना चाहिए। मंत्रालय ने यह भी माँग की कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना तत्काल बंद किया जाए।

रियाद स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यमन के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है। मंत्रालय ने यमन के अधिकारियों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए उनका धन्यवाद भी किया।

हूती हमलों का व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमलों की श्रृंखला ने वैश्विक समुद्री व्यापार को बुरी तरह प्रभावित किया है। गौरतलब है कि हूती विद्रोहियों ने गाज़ा संघर्ष के बाद से इज़राइल से जुड़े या इज़राइल की ओर जाने वाले जहाजों को निशाना बनाने की घोषणा की थी, लेकिन उनके हमले अब कई देशों के जहाजों तक फैल चुके हैं।

NRF ने इस हमले के लिए हूती समूह को जिम्मेदार ठहराया है। हालाँकि, कथित तौर पर हूतियों की ओर से अब तक इस विशेष हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आम जनता और व्यापार पर असर

लाल सागर वैश्विक समुद्री व्यापार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे होकर यूरोप और एशिया के बीच बड़ी मात्रा में माल आता-जाता है। भारत के लिए यह मार्ग खाड़ी देशों और यूरोप के साथ व्यापार की जीवनरेखा है। इस क्षेत्र में बढ़ते हमलों के कारण कई शिपिंग कंपनियाँ अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप का लंबा रास्ता अपनाने पर मजबूर हो रही हैं, जिससे माल ढुलाई की लागत और समय दोनों बढ़ रहे हैं।

आगे क्या होगा

भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बहाल करने का आह्वान किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक यमन में राजनीतिक समाधान नहीं निकलता, लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर खतरा बना रहेगा। भारतीय दूतावास बचाए गए चालक दल के सदस्यों की स्वदेश वापसी की प्रक्रिया में भी सहायता कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि भारत इस मार्ग की सुरक्षा के लिए बहुपक्षीय नौसैनिक गठबंधनों में कितनी सक्रिय भूमिका निभाएगा। जब तक यमन में राजनीतिक संकट का समाधान नहीं होता, भारतीय शिपिंग कंपनियाँ और निर्यातक लंबे और महँगे वैकल्पिक मार्गों पर निर्भर रहने के लिए मजबूर होंगे — और यह लागत अंततः उपभोक्ताओं तक पहुँचती है।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'फैजे नूरे ओलिया' जहाज पर हूती हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला मंगलवार को यमन के पश्चिमी तट के निकट, हूती नियंत्रित बंदरगाह शहर होदेइदाह से लगभग 13 समुद्री मील दक्षिण में लाल सागर में हुआ। हूती विद्रोहियों ने विस्फोटकों से भरी एक नाव के ज़रिए हमला किया, जिसके बाद जहाज डूब गया।
क्या जहाज पर सवार भारतीय नाविक सुरक्षित हैं?
हाँ, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। NRF के अनुसार कुल 14 चालक दल सदस्यों को बचाया गया और उन्हें चिकित्सकीय सहायता भी दी गई।
भारत सरकार ने इस हमले पर क्या रुख अपनाया?
भारतीय विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा की और माँग की कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना तत्काल बंद हो। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही बहाल करने का आह्वान किया।
लाल सागर में हूती हमलों का भारत के व्यापार पर क्या असर है?
लाल सागर यूरोप और एशिया के बीच व्यापार का प्रमुख समुद्री मार्ग है, जो भारत के निर्यात-आयात के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हूती हमलों के कारण कई शिपिंग कंपनियाँ अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप का लंबा और महँगा रास्ता अपनाने पर मजबूर हो रही हैं, जिससे माल ढुलाई की लागत और डिलीवरी समय दोनों बढ़ रहे हैं।
NRF ने बचाव अभियान कैसे चलाया?
सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (NRF) के तटरक्षक बल और नौसेना की इकाइयों ने संयुक्त अभियान चलाकर सभी 14 चालक दल सदस्यों को सुरक्षित बचाया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। NRF ने इस हमले के लिए हूती समूह को जिम्मेदार ठहराया है।
राष्ट्र प्रेस
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