25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ब्लैक सी में 'एमवी ओमोर्फी' पर हमला: एक भारतीय नाविक की मौत, विदेश मंत्रालय ने की कड़ी निंदा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ब्लैक सी में 'एमवी ओमोर्फी' पर हमला: एक भारतीय नाविक की मौत, विदेश मंत्रालय ने की कड़ी निंदा

सारांश

ब्लैक सी में सात दिनों के भीतर दो भारतीय जहाजों पर हमले — पहले 'एमवी गोल्डन लेपर्ड' में चार मौतें, अब 'एमवी ओमोर्फी' में एक और भारतीय की जान गई। यह सिलसिला बताता है कि युद्ध क्षेत्र के समुद्री रास्ते भारतीय नाविकों के लिए कितने खतरनाक हो चुके हैं।

मुख्य बातें

18 जुलाई को ब्लैक सी में 'एमवी ओमोर्फी' पर हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई।
जहाज पर सवार तीन भारतीयों में से दो सुरक्षित हैं; कुल दस क्रू सदस्य जहाज पर थे।
रूस स्थित भारतीय दूतावास ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया और प्रभावित परिवार को सहायता दी जा रही है।
इसी सप्ताह 'एमवी गोल्डन लेपर्ड' हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है — सात दिनों में यह दूसरी घातक घटना है।
विदेश मंत्रालय ने व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की कड़ी निंदा करते हुए सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों के पालन की अपील की।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने 24 जुलाई को पुष्टि की कि ब्लैक सी में रूसी समुद्री क्षेत्र से गुजर रहे व्यावसायिक जहाज 'एमवी ओमोर्फी' पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए दिवंगत के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

हमले का विवरण

18 जुलाई को 'एमवी ओमोर्फी' जब ब्लैक सी से गुजर रहा था, तब उस पर हमला हुआ। मंत्रालय के अनुसार, उस समय जहाज पर कुल दस क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें तीन भारतीय नागरिक शामिल थे। हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई, जबकि शेष दो भारतीय नागरिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

दूतावास की त्वरित कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही रूस स्थित भारतीय दूतावास ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क साधा। दूतावास प्रभावित परिवार को हर संभव कांसुलर सहायता उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।

विदेश मंत्रालय का कड़ा बयान

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'भारत व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाकर किए जाने वाले ऐसे हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिनसे बेगुनाह नागरिक क्रू सदस्यों की जान खतरे में पड़ती है।' मंत्रालय ने यह भी कहा कि समुद्री रास्तों पर सुरक्षित आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लगातार बढ़ते खतरे का सामना करना गंभीर चिंता का विषय है।

मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों का पालन करें, ताकि समुद्री यात्रा सुरक्षित रहे और वैश्विक व्यापार निर्बाध जारी रह सके।

एक सप्ताह में दूसरी बड़ी घटना

यह ऐसे समय में आया है जब इसी सप्ताह यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए व्यावसायिक जहाज 'एमवी गोल्डन लेपर्ड' पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। गौरतलब है कि सात दिनों के भीतर ब्लैक सी क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़ी यह दूसरी घातक घटना है। उस हमले पर भी विदेश मंत्रालय ने कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना और बेगुनाह नागरिक क्रू सदस्यों की जान जोखिम में डालना बेहद निंदनीय है।

आगे की स्थिति

भारत सरकार इस मामले पर रूसी अधिकारियों के साथ संपर्क में है। ब्लैक सी में व्यावसायिक जहाजों पर बढ़ते हमलों के मद्देनज़र भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहराती जा रही है, और आने वाले दिनों में सरकार की ओर से और ठोस कदम उठाए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या भारत सरकार उन जहाजों पर अपने नागरिकों की तैनाती को लेकर शिपिंग कंपनियों और भर्ती एजेंसियों पर ठोस दबाव बना रही है। जब तक जवाबदेही की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं बनती, निंदा के बयान अपर्याप्त साबित होते रहेंगे।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'एमवी ओमोर्फी' पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला 18 जुलाई को ब्लैक सी में रूसी समुद्री क्षेत्र से गुजरते समय हुआ। जहाज पर उस समय दस क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें तीन भारतीय नागरिक थे।
हमले में कितने भारतीय प्रभावित हुए?
जहाज पर सवार तीन भारतीय नागरिकों में से एक की मौत हो गई, जबकि शेष दो सुरक्षित बताए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने दिवंगत के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
भारत सरकार ने इस हमले पर क्या कदम उठाए?
घटना की जानकारी मिलते ही रूस स्थित भारतीय दूतावास ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया। विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा की और प्रभावित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
क्या इससे पहले भी ब्लैक सी में भारतीय नाविकों पर हमला हुआ है?
हाँ, इसी सप्ताह यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए 'एमवी गोल्डन लेपर्ड' पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी। सात दिनों के भीतर यह ब्लैक सी क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़ी दूसरी घातक घटना है।
विदेश मंत्रालय ने व्यावसायिक जहाजों पर हमलों के बारे में क्या कहा?
मंत्रालय ने कहा कि व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना और बेगुनाह नागरिक क्रू सदस्यों की जान जोखिम में डालना बेहद निंदनीय है। भारत ने सभी संबंधित पक्षों से अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों का पालन करने की अपील की है ताकि समुद्री व्यापार सुरक्षित रहे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले