ब्लैक सी में 'एमवी ओमोर्फी' पर हमला: एक भारतीय नाविक की मौत, विदेश मंत्रालय ने की कड़ी निंदा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय विदेश मंत्रालय ने 24 जुलाई को पुष्टि की कि ब्लैक सी में रूसी समुद्री क्षेत्र से गुजर रहे व्यावसायिक जहाज 'एमवी ओमोर्फी' पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए दिवंगत के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
हमले का विवरण
18 जुलाई को 'एमवी ओमोर्फी' जब ब्लैक सी से गुजर रहा था, तब उस पर हमला हुआ। मंत्रालय के अनुसार, उस समय जहाज पर कुल दस क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें तीन भारतीय नागरिक शामिल थे। हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई, जबकि शेष दो भारतीय नागरिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
दूतावास की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही रूस स्थित भारतीय दूतावास ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क साधा। दूतावास प्रभावित परिवार को हर संभव कांसुलर सहायता उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।
विदेश मंत्रालय का कड़ा बयान
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'भारत व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाकर किए जाने वाले ऐसे हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिनसे बेगुनाह नागरिक क्रू सदस्यों की जान खतरे में पड़ती है।' मंत्रालय ने यह भी कहा कि समुद्री रास्तों पर सुरक्षित आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लगातार बढ़ते खतरे का सामना करना गंभीर चिंता का विषय है।
मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों का पालन करें, ताकि समुद्री यात्रा सुरक्षित रहे और वैश्विक व्यापार निर्बाध जारी रह सके।
एक सप्ताह में दूसरी बड़ी घटना
यह ऐसे समय में आया है जब इसी सप्ताह यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए व्यावसायिक जहाज 'एमवी गोल्डन लेपर्ड' पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। गौरतलब है कि सात दिनों के भीतर ब्लैक सी क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़ी यह दूसरी घातक घटना है। उस हमले पर भी विदेश मंत्रालय ने कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना और बेगुनाह नागरिक क्रू सदस्यों की जान जोखिम में डालना बेहद निंदनीय है।
आगे की स्थिति
भारत सरकार इस मामले पर रूसी अधिकारियों के साथ संपर्क में है। ब्लैक सी में व्यावसायिक जहाजों पर बढ़ते हमलों के मद्देनज़र भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहराती जा रही है, और आने वाले दिनों में सरकार की ओर से और ठोस कदम उठाए जाने की संभावना है।