काला सागर में भारतीय नाविक की मौत: विदेश मंत्रालय ने यूक्रेनी राजदूत को तलब किया
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय ने सोमवार, 27 जुलाई 2026 को भारत में यूक्रेन के राजदूत डॉ. एलेक्जेंडर पोलिशचुक को तलब किया — यह कदम काला सागर में कमर्शियल जहाज एमवी ओमोर्फी पर हुए हमले के बाद उठाया गया, जिसमें एक भारतीय नागरिक की जान चली गई। 18 जुलाई को हुई इस घटना में जहाज पर सवार 10 क्रू सदस्यों में तीन भारतीय नागरिक शामिल थे।
मुख्य घटनाक्रम
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 18 जुलाई को एमवी ओमोर्फी पर काला सागर पार करते समय कथित तौर पर रूस के समुद्री क्षेत्र में हमला किया गया। हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु हो गई, जबकि जहाज पर सवार अन्य दो भारतीय नागरिकों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। मंत्रालय ने मृतक के शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
इससे पृथक, 25 जुलाई को एमवी एजीएन राग्नार नामक जहाज ओडेसा बंदरगाह पर एक घटना में शामिल हुआ, जिसमें भी चार भारतीय नागरिक सवार थे। यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने रविवार को पुष्टि की कि उनमें से दो सुरक्षित हैं, जबकि शेष दो के बारे में जानकारी का इंतजार था और खोज व बचाव अभियान जारी था।
विदेश मंत्रालय की कड़ी प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'कमर्शियल शिपिंग पर ऐसे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की जाती है और समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा, नेविगेशन की स्वतंत्रता तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इनके गंभीर दुष्प्रभावों पर जोर दिया जाता है।' मंत्रालय ने राजदूत पोलिशचुक से अनुरोध किया कि वे यूक्रेनी अधिकारियों को भारत की यह स्पष्ट स्थिति से अवगत कराएं कि कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना 'मंजूर नहीं है और इससे बचना चाहिए।'
मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि निर्दोष नागरिक नाविकों की जान को खतरे में डालने वाली किसी भी कार्रवाई को भारत स्वीकार नहीं करता।
दूतावास की सक्रियता और बचाव अभियान
यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने रविवार को सोशल मीडिया पर जारी बयान में बताया कि वह स्थिति पर करीब से नज़र रख रहा है और संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। दूतावास ने परिजनों के लिए आपातकालीन संपर्क विवरण भी जारी किए, जिनमें +380933559958 (अजी कुमार, एसएस-कांसुलर) का नंबर शामिल है।
आम जनता और नाविकों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण काला सागर में व्यावसायिक शिपिंग पहले से ही जोखिम में है। भारत से बड़ी संख्या में नाविक वैश्विक व्यापारिक जहाजों पर कार्यरत हैं और इन घटनाओं ने उनके परिवारों में गहरी चिंता पैदा की है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब भारतीय नागरिक इस संघर्ष क्षेत्र में जानलेवा हमलों की चपेट में आए हैं।
क्या होगा आगे
विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि वह इस मामले पर यूक्रेनी पक्ष से जवाब की प्रतीक्षा कर रहा है। भारत सरकार काला सागर क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक माध्यमों से दबाव बनाए रखेगी। मृतक नाविक के परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।