एमवी गोल्डन लियो पर रूसी हमला: ओडेसा से रवाना जहाज में चार भारतीयों की मौत, एक गंभीर
सारांश
मुख्य बातें
रूस-यूक्रेन संघर्ष में 19 जुलाई 2025 की शाम एक नया मोड़ आया जब ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहे व्यावसायिक जहाज 'एमवी गोल्डन लियो' पर हमला हुआ, जिसमें चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि जहाज पर सवार 17 क्रू सदस्यों में से पाँच भारतीय नागरिक थे, जिनमें से एक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और वह अस्पताल में उपचाराधीन है।
मुख्य घटनाक्रम
रविवार शाम ओडेसा बंदरगाह से प्रस्थान करते समय 'एमवी गोल्डन लियो' पर यह हमला हुआ। जहाज पर कुल 17 क्रू सदस्य सवार थे। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि चार भारतीय नागरिकों की दुखद मृत्यु हुई है, जबकि पाँचवें भारतीय नागरिक का अस्पताल में इलाज जारी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यूक्रेन में भारतीय मिशन स्थिति पर निरंतर नज़र बनाए हुए है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता पहुँचाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने मृतक भारतीय नागरिकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायल नागरिक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत इस प्रकार के हमलों की कड़ी निंदा करता है। व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष चालक दल के सदस्यों की जान जोखिम में डालना और समुद्री व्यापार मार्गों में बाधा उत्पन्न करना पूर्णतः अस्वीकार्य है।
रूसी सेना का पक्ष
रूसी रक्षा मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में दावा किया कि रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने पिछले 24 घंटों में 774 यूक्रेनी फिक्स्ड-विंग ड्रोन और 13 निर्देशित हवाई बमों को मार गिराया। रूसी सेना ने रात भर यूक्रेन के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और हवाई हमले किए।
रूसी मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में ओडेसा बंदरगाह के उस बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया गया जिसका उपयोग ईंधन और लुब्रिकेंट उतारने के लिए होता है। इसके अलावा, चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर गोला-बारूद उतार रहे एक कंटेनर जहाज और काला सागर में स्नेक आइलैंड के निकट एक ड्राई कार्गो जहाज को भी निशाना बनाया गया।
आम जनता और भारतीय समुदाय पर असर
यह घटना ऐसे समय में आई है जब रूस-यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ पहले से बढ़ी हुई थीं। गौरतलब है कि इससे पहले भी कई भारतीय नागरिक इस संघर्ष क्षेत्र में जान गँवा चुके हैं, जिनमें रूसी सेना में भर्ती हुए भारतीय युवा भी शामिल रहे हैं। व्यावसायिक जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा अब एक गंभीर कूटनीतिक चिंता बन गई है।
क्या होगा आगे
भारतीय विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि यूक्रेन स्थित भारतीय मिशन स्थिति की निगरानी जारी रखेगा। मृतकों के परिजनों तक सूचना और सहायता पहुँचाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना भारत को रूस-यूक्रेन दोनों पक्षों के साथ अपनी तटस्थ कूटनीतिक स्थिति और अधिक स्पष्टता से स्थापित करने पर विवश करेगी।