PM मोदी आज शाम एसआरसीसी के शताब्दी समारोह में, शिक्षक दिवस पर ऐतिहासिक जश्न
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 सितंबर 2026 को शाम 7 बजे नई दिल्ली स्थित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह में शामिल होंगे और वहाँ उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। यह आयोजन शिक्षक दिवस के अवसर पर हो रहा है, जिससे इस ऐतिहासिक उत्सव का महत्व और भी बढ़ जाता है।
एसआरसीसी की शताब्दी यात्रा
दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स की स्थापना 1926 में प्रख्यात उद्योगपति और समाजसेवी सर श्री राम ने की थी। पिछले 100 वर्षों में यह संस्थान वाणिज्य, अर्थशास्त्र और प्रबंधन शिक्षा का एक प्रतिष्ठित केंद्र बन चुका है। कॉलेज ने विद्वानों, पेशेवरों, प्रशासकों, उद्यमियों, नीति-निर्माताओं और राष्ट्र-निर्माताओं की अनेक पीढ़ियाँ तैयार की हैं।
शिक्षक दिवस पर समारोह का विशेष महत्व
यह शताब्दी समारोह 5 सितंबर को आयोजित हो रहा है — वही तिथि जिस दिन पूरा देश राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाता है। गौरतलब है कि शिक्षक दिवस पर किसी शीर्ष शैक्षणिक संस्थान के शताब्दी वर्ष का उत्सव मनाना और प्रधानमंत्री की उपस्थिति — दोनों मिलकर इस आयोजन को असाधारण बनाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर देशव्यापी चर्चा जारी है।
एसआरसीसी की शैक्षणिक विशिष्टता
एसआरसीसी स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों स्तरों पर पाठ्यक्रम संचालित करता है — इनमें बी.कॉम (ऑनर्स), बीए (ऑनर्स) अर्थशास्त्र, एम.कॉम और एमए (अर्थशास्त्र) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए वैश्विक व्यापार संचालन में दो वर्षीय पूर्णकालिक स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी उपलब्ध है।
एसआरसीसी को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कॉर्पोरेट प्रशासन फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय कॉर्पोरेट प्रशासन केंद्र का दर्जा प्राप्त है। यह दिल्ली विश्वविद्यालय का एकमात्र कॉलेज है जिसे यह विशिष्ट मान्यता मिली है।
छात्रों की उपलब्धियाँ और वैश्विक पहुँच
एसआरसीसी के अनुसार, कॉलेज से स्नातक होने वाले अनेक छात्रों ने दिल्ली विश्वविद्यालय में शीर्ष स्थान प्राप्त किए हैं। कई छात्रों को प्रतिष्ठित छात्रवृत्तियों के माध्यम से विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश मिला है, जबकि कुछ को विश्वविद्यालय परिणाम घोषित होने से पहले ही कैंपस भर्ती के ज़रिए नौकरी के प्रस्ताव मिल चुके हैं। कॉलेज के कई शिक्षक प्रख्यात लेखक हैं जिनकी रचनाएँ शोधकर्ताओं और विद्वानों में लोकप्रिय हैं।
आगे क्या
प्रधानमंत्री के संबोधन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे उच्च शिक्षा और कौशल विकास को लेकर सरकार के दृष्टिकोण को रेखांकित करेंगे। एसआरसीसी का यह शताब्दी वर्ष भारतीय उच्च शिक्षा के भविष्य पर व्यापक संवाद का अवसर भी बन सकता है।