शिक्षक दिवस 2026: डॉ. राधाकृष्णन की जयंती पर गडकरी, CM योगी, नायब सैनी समेत दर्जनों नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
5 सितंबर को पूरे देश में शिक्षक दिवस मनाया गया — भारत के प्रख्यात शिक्षाविद, महान दार्शनिक, पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक, देशभर के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शिक्षकों के योगदान को नमन किया। यह दिन भारत में शिक्षा और गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति राष्ट्रीय कृतज्ञता का प्रतीक है।
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन। शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।' केंद्रीय आवास, शहरी मामलों एवं बिजली मंत्री मनोहर लाल ने अपनी पोस्ट में कहा कि एक उत्कृष्ट शिक्षक बच्चों में न केवल ज्ञान व नैतिक आदर्शों का संचार करते हैं, बल्कि उन्हें सुदृढ़ बनाकर एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण में अद्वितीय योगदान देते हैं।
मुख्यमंत्रियों ने किया गुरुओं को नमन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि डॉ. राधाकृष्णन भारतीय ज्ञान-परंपरा के प्रखर संवाहक थे और उन्होंने 'राष्ट्र के भविष्य' को ज्ञान, संस्कार व चरित्र की ज्योति से आलोकित किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि शिक्षक जीवन की वह मजबूत नींव होते हैं जो हमें सही दिशा, प्रेरणा और आत्मविश्वास देते हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने डॉ. राधाकृष्णन को शिक्षा और दर्शन के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए कोटि-कोटि नमन किया।
अन्य राज्यों के नेताओं की प्रतिक्रिया
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा कि गुरुओं से प्राप्त ज्ञान और संस्कार ही जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं और आह्वान किया कि डॉ. राधाकृष्णन के आदर्शों को आत्मसात कर विकसित राजस्थान व विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डॉ. राधाकृष्णन को भारत के द्वितीय राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद के रूप में स्मरण करते हुए सभी गुरुजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का आग्रह किया।
पार्टी नेताओं और राज्य मंत्रियों का संदेश
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने डॉ. राधाकृष्णन की उक्ति उद्धृत की — 'पुस्तकें वे साधन हैं जिनके माध्यम से हम विभिन्न संस्कृतियों के पुल का निर्माण कर सकते हैं' — और कहा कि उनका जीवन शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने की प्रेरणा देता है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने एक्स पर डॉ. राधाकृष्णन की एक और उक्ति साझा की — 'किताबें पढ़ने से हमें एकांत में विचार करने की आदत और सच्ची खुशी मिलती है' — और कहा कि उन्होंने शिक्षा को व्यक्तित्व व राष्ट्र निर्माण का आधार माना। बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी डॉ. राधाकृष्णन को नमन करते हुए सभी शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
डॉ. राधाकृष्णन: एक परिचय
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और द्वितीय राष्ट्रपति थे। उनका जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था। शिक्षा और दर्शन के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान के सम्मान में उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनका जीवन और विचार आज भी शिक्षा जगत का मार्गदर्शन करते हैं।