गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर राजनाथ, अमित शाह समेत देशभर के नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
सिख पंथ के पंचम गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर 18 जून 2026 को देश के शीर्ष राजनेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षा मंत्री से लेकर मुख्यमंत्रियों तक, सभी ने गुरु साहिब के त्याग, करुणा और अदम्य साहस को नमन किया।
रक्षा मंत्री और गृह मंत्री का नमन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन 'त्याग, तप, करुणा और सत्य के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है।' उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म, संस्कृति और मानवता के मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और उनका सर्वोच्च बलिदान युगों-युगों तक समाज को प्रेरित करता रहेगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर गुरु साहिब को 'कोटि-कोटि वंदन' अर्पित किया। शाह ने कहा कि आदि ग्रंथ का संकलन कर मानव समाज को अमूल्य विरासत देने वाले और हरमंदिर साहिब का निर्माण पूर्ण कराने वाले गुरु साहिब की बलिदान गाथा देश के बच्चे-बच्चे को स्वसंस्कृति और मातृभूमि की रक्षा के लिए प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने मुगल आक्रांताओं के विरुद्ध धर्मांतरण के खिलाफ गुरु साहिब की आवाज़ को भी याद किया।
केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर गुरु अर्जन देव जी को 'कोटि-कोटि नमन' अर्पित किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु साहिब को 'महान संत' बताते हुए कहा कि धर्म, मानवता और सत्य की रक्षा हेतु उनका सर्वोच्च बलिदान इतिहास में अद्वितीय है और उनका जीवन मानव सेवा, समरसता तथा आध्यात्मिक चेतना का शाश्वत पथ दिखाता रहेगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गुरु साहिब ने अपना सर्वोच्च बलिदान देकर सत्य और धर्म के प्रति राष्ट्र को जागृत किया। उन्होंने गुरु साहिब के जीवन को 'सेवा, करुणा और न्याय के आदर्शों से परिपूर्ण' बताया।
राज्यों के मुख्यमंत्रियों का आदर
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरु साहिब को 'शांति, सेवा और त्याग का प्रतीक' बताते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि धर्म, मानवता और लोककल्याण के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि गुरु अर्जन देव जी ने सेवा, समरसता और आध्यात्मिक चेतना के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाया। उन्होंने सत्य और धर्म की रक्षा के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को 'भारतीय इतिहास का अमर अध्याय' बताया।
गुरु अर्जन देव जी का ऐतिहासिक महत्व
गुरतलब है कि श्री गुरु अर्जन देव जी सिख पंथ के पाँचवें गुरु थे, जिन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब (आदि ग्रंथ) का संकलन किया और हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) का निर्माण पूर्ण कराया। उनका बलिदान भारतीय इतिहास में धार्मिक स्वतंत्रता और अडिग आस्था का प्रतीक माना जाता है। प्रत्येक वर्ष उनका शहीदी दिवस देशभर में श्रद्धा और स्मरण के साथ मनाया जाता है।
इस अवसर पर देशभर में गुरुद्वारों में विशेष अरदास और कीर्तन का आयोजन किया गया, और संगत ने गुरु साहिब की शिक्षाओं को आत्मसात करने का संकल्प लिया।