शिक्षक दिवस 2025: अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत दिग्गजों ने डॉ. राधाकृष्णन को किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर भारत रत्न एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित अनेक केंद्रीय मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने शिक्षकों के राष्ट्र-निर्माण में अमूल्य योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
अमित शाह का संदेश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'शिक्षक दिवस पर मैं उन शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं जिन्होंने ज्ञान की खोज में छात्रों की पीढ़ियों का मार्गदर्शन कर भारत की निरंतर प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया है।' उन्होंने डॉ. राधाकृष्णन की विरासत को 'ज्ञान-समृद्ध भारत के निर्माण के लिए प्रेरणा की शाश्वत ज्योति' बताया।
राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश और समाज के निर्माण में शिक्षकों की अग्रणी भूमिका को स्वीकार करते हुए डॉ. राधाकृष्णन की स्मृति को नमन किया। BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का प्रकाश नहीं फैलाते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को भी आकार देते हैं।
मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा कि 'गुरु से बड़ा दूसरा कोई भगवान नहीं होता।' मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. राधाकृष्णन के विचारों को 'चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा का सशक्त आधार' बताया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु को 'अक्षर ज्ञान से परे जीवन को सार्थक दिशा देने वाला पथप्रदर्शक' कहा।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षकों को बधाई देते हुए उल्लेख किया कि उनके राज्य ने गुणात्मक शिक्षा में साढ़े तीन वर्षों में 21वें स्थान से 5वें स्थान तक की छलांग लगाई है और पूर्ण साक्षर राज्य बनने का गौरव हासिल किया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डॉ. राधाकृष्णन को 'भारत के द्वितीय राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद्' के रूप में याद करते हुए सभी गुरुजनों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
डॉ. राधाकृष्णन की विरासत
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति और द्वितीय राष्ट्रपति रहे। एक दार्शनिक, शिक्षाविद् और राजनेता के रूप में उनकी बहुआयामी पहचान आज भी प्रेरणा का स्रोत है। गौरतलब है कि उनकी जयंती को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की परंपरा उनके छात्रों की उस अपील से शुरू हुई थी, जिसमें उन्होंने अनुरोध किया था कि उनका जन्मदिन शिक्षकों के सम्मान में मनाया जाए।
आगे की राह
शिक्षक दिवस पर नेताओं के इस सामूहिक संदेश ने शिक्षा को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में रखा है। हिमाचल प्रदेश की साक्षरता उपलब्धि जैसे राज्य-स्तरीय उदाहरण यह संकेत देते हैं कि नीतिगत प्रतिबद्धता और शिक्षकों का समर्पण मिलकर ठोस परिणाम दे सकते हैं।