क्या सेना दिवस पर उपराष्ट्रपति ने शहीदों को नमन किया और अमित शाह ने जवानों को शुभकामनाएं दीं?
सारांश
Key Takeaways
- सेना दिवस पर भारतीय सेना के साहस और बलिदान का सम्मान किया जाता है।
- उपराष्ट्रपति और गृह मंत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
- सेना के जवानों और उनके परिवारों का योगदान महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। देशभर में गुरुवार को सेना दिवस को गर्व और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भारतीय सेना के साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प को सलाम किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिक निस्वार्थ सेवा का प्रतीक हैं और हर स्थिति में अपने देश की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। उपराष्ट्रपति ने इस दिन उन वीर जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने अपने कर्तव्य को निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, "सेना दिवस के मौके पर मैं भारतीय सेना के बहादुर अधिकारियों, सैनिकों और पूर्व सैनिकों को सलाम करता हूं। देश की रक्षा में उनका अटूट साहस, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान हर नागरिक को प्रेरित करता है। हम भारत की एकता और अखंडता के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा और अटूट प्रतिबद्धता का सम्मान करते हैं। इस पवित्र दिन पर हम उन वीर नायकों को गहरी कृतज्ञता के साथ याद करते हैं जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।"
गृह मंत्री अमित शाह ने भी सेना दिवस के मौके पर भारतीय सेना के जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि सेना दिवस पर भारतीय सेना के जवानों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की बहादुरी की गूंज हमारे इतिहास के पन्नों में दर्ज है, जो हर पीढ़ी में देशभक्ति की सबसे तेज लौ जलाती है।
अमित शाह ने कहा कि देश सेवा में अपना सब कुछ न्योछावर करने वाले उन सभी बहादुर जवानों को वह सलाम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सेना के जवानों के साथ-साथ उनके परिवार भी इस सेवा में बराबर के भागीदार हैं, जो हर मुश्किल समय में अपने प्रियजनों को देश के लिए समर्पित करते हैं।
सेना दिवस के अवसर पर देशभर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। लोग भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन कर रहे हैं।