हरियाणा विधानसभा में हलचल: निर्दलीय विधायक ने राज्यसभा उम्मीदवार के लिए वोट मांगा, कांग्रेस ने उठाई आपत्ति
सारांश
Key Takeaways
- राज्यसभा चुनाव: निर्दलीय विधायक ने वोटिंग की अपील की।
- कांग्रेस की आपत्ति: कांग्रेस ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
- अवैध खनन: रेनू बाला ने गंभीर मुद्दा उठाया।
- आयुष्मान योजना: 600 निजी अस्पतालों ने इलाज बंद किया।
- मुफ्त इलाज: स्वास्थ्य मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की।
चंडीगढ़, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा विधानसभा में सोमवार को राज्यसभा चुनाव को लेकर गहमागहमी का माहौल था। निर्दलीय विधायक राजेश जून ने सदन में राज्यसभा उम्मीदवार सतीश नांदल को वोट देने का अनुरोध किया, जिस पर कांग्रेस के विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताई। इस बीच, स्पीकर ने स्पष्ट किया कि 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में सदन में कोई चर्चा नहीं होगी।
कांग्रेस विधायक रेनू बाला ने सदन में अवैध खनन का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र सढोरा में खनन माफियाओं ने हाल ही में दो पत्रकारों पर हमला किया है। रेनू बाला ने सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सढोरा में बढ़ती नशे की समस्या पर भी ध्यान आकर्षित किया और कहा कि नशे की लत में फंसकर युवा बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने इस पर कठोर कदम उठाने की अपील की।
विधानसभा में आयुष्मान भारत-आयुष्मान हरियाणा योजना के तहत निजी अस्पतालों द्वारा इलाज बंद करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। विधायक अशोक अरोड़ा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान कहा कि राज्य में लगभग 600 निजी अस्पताल इलाज बंद कर चुके हैं, क्योंकि सरकार पर इन अस्पतालों का 700 से 800 करोड़ रुपए का बकाया है।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने उत्तर देते हुए कहा कि प्रस्ताव में दी गई जानकारी गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा में सभी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। आरती राव ने बताया कि आयुष्मान प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजना है, जिसके तहत हर लाभार्थी को हर साल 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि हरियाणा में अब तक 2 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। राज्य में 777 अस्पताल योजना में शामिल हैं और इलाज प्रदान कर रहे हैं। इस वर्ष अब तक 82 हजार इलाज के दावे प्राप्त हुए हैं, जो दर्शाता है कि इलाज पूरी तरह से जारी है। इस साल अस्पतालों को 950 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। अब तक कुल 32 लाख लोगों का इलाज हो चुका है, जिसके लिए 2800 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है।