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भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर जेकेएसए की चिंता, ईरानी राजदूत से हुई महत्वपूर्ण बैठक

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भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर जेकेएसए की चिंता, ईरानी राजदूत से हुई महत्वपूर्ण बैठक

सारांश

जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने ईरान के दूतावास का दौरा किया और वहां फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर चिंता जताई। ईरानी अधिकारियों ने छात्रों के सुरक्षित स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

जेकेएसए ने ईरान में फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
ईरानी राजदूत ने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
संवेदनशील क्षेत्रों से छात्रों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया आरंभ की गई है।
भारत सरकार के साथ समन्वय से छात्रों की निकासी की योजना पर काम हो रहा है।
छात्रों और उनके परिवारों की चिंताओं को दूर करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं।

नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में स्थित ईरान के दूतावास और ईरान कल्चर हाउस का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया और ईरान के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।

मुलाकात के दौरान खुएहामी ने भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली और सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि हुज्जत-उल-इस्लाम अब्दुल मजीद हकीम इलाही से बातचीत की। उन्होंने ईरान में चल रहे संघर्ष और हवाई हमलों के बीच वहां फंसे भारतीय छात्रों, विशेषकर कश्मीर के छात्रों, की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।

खुएहामी ने कहा कि एसोसिएशन को लगातार छात्रों और उनके परिवारों की ओर से फोन और संदेश प्राप्त हो रहे हैं। कोम, उर्मिया, अराक और अन्य शहरों में पढ़ाई कर रहे कई छात्र लगातार विस्फोटों और हवाई हमलों की खबरों के कारण भयभीत हैं और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने ईरानी अधिकारियों से अनुरोध किया कि भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए और उनकी शीघ्र निकासी के लिए भारत सरकार के साथ समन्वय किया जाए।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि हुज्जत-उल-इस्लाम अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने बताया कि संवेदनशील इलाकों से विदेशी छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 500 छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है, जिनमें से अधिकांश कश्मीर के हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में ईरान के संबंधित मंत्रालयों और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ निरंतर संपर्क बना हुआ है।

वहीं ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली ने आश्वासन दिया कि भारतीय छात्रों की सुरक्षा ईरानी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए छात्रों की संभावित निकासी के लिए आर्मेनिया, अजरबैजान और अन्य सीमावर्ती रास्तों के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

खुएहामी ने उम्मीद जताई कि भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और ईरानी अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय से जल्द ही छात्रों की सुरक्षित निकासी संभव होगी, जिससे देशभर में चिंतित परिवारों को राहत मिल सकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह छात्रों की भलाई के मामले में सक्रिय भूमिका निभा रही है। ईरानी अधिकारियों का सहयोग और भारत सरकार के साथ समन्वय से छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान में भारतीय छात्रों की स्थिति क्या है?
ईरान में कई भारतीय छात्र हालिया संघर्ष और हवाई हमलों के कारण असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
जेकेएसए ने ईरानी अधिकारियों से क्या अनुरोध किया है?
जेकेएसए ने ईरानी अधिकारियों से भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है।
क्या ईरानी सरकार भारतीय छात्रों की सुरक्षा के लिए कदम उठा रही है?
हां, ईरानी सरकार ने विदेशी छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की है।
कितने छात्रों को अब तक सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है?
लगभग 500 छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है।
भारत सरकार इस मामले में क्या कर रही है?
भारत सरकार और ईरानी अधिकारियों के बीच समन्वय से छात्रों की सुरक्षित निकासी की योजना बनाई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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