केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की अवधि को बढ़ाया

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केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की अवधि को बढ़ाया

सारांश

नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक अस्थिरता के दौरान प्राकृतिक गैस की कीमतों में वृद्धि के बीच, केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है। यह कदम जमाखोरी को रोकने के लिए उठाया गया है।

Key Takeaways

  • एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अवधि 21 दिन से बढ़कर 25 दिन हो गई है।
  • यह कदम जमाखोरी को रोकने के लिए उठाया गया है।
  • भारत में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति है।
  • पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई वृद्धि नहीं होगी।
  • भारत के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का भंडारण 74 दिनों की क्षमता है।

नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक अस्थिरता के दौरान प्राकृतिक गैस की कीमतों में वृद्धि के बीच, केंद्र सरकार ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य जमाखोरी को रोकना है।

अमेरिका और इजरायल-ईरान युद्ध के चलते उत्पन्न अनिश्चितताओं के बीच बाजार में घबराहट के संकेत मिलने पर केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है।

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि देश में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है और इसे प्रभावी तरीके से प्रबंधित करने के उपाय के रूप में बुकिंग अवधि में वृद्धि की गई है।

यह निर्णय इसलिए भी लिया गया है क्योंकि मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के कारण आपूर्ति बाधित होने की आशंका है, जिससे बुकिंग में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

एक अधिकारी के अनुसार, औसतन एक परिवार एक वर्ष में 14.2 किलोग्राम के 7-8 एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करता है और सामान्यतः उन्हें 6 सप्ताह से कम समय में सिलेंडर रिफिल कराने की आवश्यकता नहीं होती है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की दरें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर होने के बावजूद, फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं की जाएगी। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल विपणन कंपनियां मौजूदा लागत दबाव को सहन करेंगी।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार वैश्विक तेल बाजारों पर करीबी निगरानी रख रही है, लेकिन इस समय खुदरा ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है।

इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने संसद को सूचित किया कि भारत के पास वर्तमान में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण की कुल 74 दिनों की क्षमता है, जो भू-राजनीतिक संघर्ष जैसी प्रतिकूल स्थितियों में आपूर्ति बाधित होने पर सहायक हो सकती है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा को लिखित उत्तर में बताया, “सरकार ने 5.33 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) की कुल क्षमता वाली रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार सुविधाएं स्थापित की हैं। यह लगभग 9.5 दिनों की कच्चे तेल की आवश्यकता को पूरा करने के लिए है, ताकि भू-राजनीतिक संघर्ष जैसी अल्पकालिक आपूर्ति संकटों के लिए एक बफर के रूप में कार्य किया जा सके। देश में तेल विपणन कंपनियों के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण की 64.5 दिनों की क्षमता है। इसलिए, कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण की वर्तमान कुल राष्ट्रीय क्षमता 74 दिनों की है।”

Point of View

सरकार ने सुनिश्चित किया है कि आवश्यक वस्तुओं की उपयुक्त उपलब्धता बनी रहे।
NationPress
14/03/2026

Frequently Asked Questions

एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की अवधि क्यों बढ़ाई गई?
एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की अवधि को जमाखोरी को रोकने के लिए बढ़ाया गया है।
क्या एलपीजी की आपूर्ति में कोई समस्या है?
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, देश में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है।
क्या पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि होगी?
फिलहाल, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की कोई योजना नहीं है।
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