कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर ₹183.50 सस्ता: एनडीए नेताओं ने बताया कारोबारियों के लिए बड़ी राहत
सारांश
मुख्य बातें
1 जुलाई 2026 को केंद्र सरकार द्वारा 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की कटौती किए जाने के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने इस फैसले का जोरदार स्वागत किया। नेताओं ने इसे आम उपभोक्ताओं और व्यापारिक प्रतिष्ठानों — विशेषकर होटल, ढाबा और खानपान उद्योग — के लिए राहत का संकेत बताया। साथ ही यह भी कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के सामान्य होने के साथ आने वाले महीनों में ईंधन की कीमतों में और कमी आ सकती है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि जब कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़े थे, तब विपक्ष ने काफी हंगामा किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल पहली कटौती है और आगे भी कीमतों में कमी देखने को मिलेगी। आलोक ने यह भी कहा कि निजी तेल कंपनी नायरा ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें पहले ही घटा दी हैं और सरकारी तेल कंपनियाँ भी शीघ्र इसी दिशा में कदम उठाएंगी।
वरिष्ठ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने भी इस कटौती का स्वागत करते हुए कहा कि वैश्विक संकट के कारण कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी और अब हालात सामान्य होने के साथ राहत दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा जनता के हित में फैसले लेते हैं और भविष्य में भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अंतर्राष्ट्रीय कारण और भारत पर असर
भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हाल के महीनों में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़े तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था। इसी वजह से भारत में एलपीजी की कीमतों में सीमित बढ़ोतरी करनी पड़ी, जबकि कई अन्य देशों में इससे कहीं अधिक मूल्य वृद्धि हुई थी। उन्होंने कहा कि अब वैश्विक हालात सामान्य होने लगे हैं, इसलिए सरकार कीमतों में कटौती कर रही है और आने वाले दिनों में जनता को और राहत मिल सकती है।
विपक्ष पर पलटवार
हुसैन ने कमर्शियल एलपीजी मूल्य कटौती पर विपक्ष को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जब कीमतें बढ़ी थीं, तब विपक्ष सरकार की आलोचना कर रहा था — अब जब कटौती हुई है, तो सवाल यह है कि क्या विपक्ष सरकार की सराहना करेगा? इसके अलावा, विपक्षी दलों द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखे जाने पर हुसैन ने कहा कि विपक्ष अपनी राजनीतिक कमज़ोरियों को स्वीकार करने के बजाय हार का ठीकरा SIR पर फोड़ना चाहता है।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल द्वारा विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की बात पर हुसैन ने कहा कि कांग्रेस बेवजह मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता पर पूरे देश को गर्व होना चाहिए और कांग्रेस का इस पर लगातार सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
जदयू का रुख और सुशासन पर जोर
जनता दल (यूनाइटेड) के एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा देश की जनता के बारे में सोचते हैं और जैसे ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दाम कम हुए, तेल कंपनियों ने भी तत्काल कटौती कर दी। उन्होंने PM मोदी और सचिवों के बीच हुई बैठक का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सुशासन सुनिश्चित करना किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है और यह बैठक प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
आगे क्या उम्मीद
एनडीए नेताओं के अनुसार, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता बनी रहने पर घरेलू ईंधन दरों में आगे और कटौती संभव है। गौरतलब है कि कमर्शियल एलपीजी की कीमतें सीधे तौर पर होटल, रेस्तरां और खानपान क्षेत्र की लागत को प्रभावित करती हैं, जो लाखों छोटे कारोबारियों की आजीविका से जुड़ा है। यह देखना होगा कि सरकारी तेल कंपनियाँ पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती कब तक करती हैं।