कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर ₹183.50 सस्ता, दिल्ली में नई कीमत ₹2,930; रेस्टोरेंट-ढाबा मालिकों को राहत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार की सरकारी तेल वितरक कंपनियों ने 1 जुलाई 2026 (बुधवार) को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती की घोषणा की, जिससे राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर का दाम ₹183.50 घटकर ₹2,930 पर आ गया — जो पहले ₹3,113.50 था। इस फैसले का देशभर के रेस्टोरेंट, ढाबा और खाद्य व्यवसाय संचालकों ने खुलकर स्वागत किया है।
मुख्य घटनाक्रम
सरकारी तेल वितरक कंपनियों ने बुधवार, 1 जुलाई को कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में संशोधन किया। नई दिल्ली में 19 किलो के सिलेंडर की कीमत ₹3,113.50 से घटाकर ₹2,930 कर दी गई — यानी प्रति सिलेंडर ₹183.50 की राहत। यह कटौती उस दौर के बाद आई है जब युद्ध जैसी वैश्विक परिस्थितियों के चलते ईंधन की कीमतें ऊँची थीं और छोटे व्यवसायियों पर आर्थिक दबाव काफी बढ़ गया था।
रेस्टोरेंट संचालकों की प्रतिक्रिया
राजस्थान के रेस्टोरेंट संचालक ज्ञानदीप सोलंकी ने कहा, 'दाम बढ़ने के कारण पहले गैस रेस्टोरेंटों पर उपलब्ध नहीं हो पाती थी। युद्ध जैसे हालात में दाम बढ़ाए गए थे और रेस्टोरेंट संचालकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ गया था। अब काफी हद तक राहत मिली है। हम उम्मीद करते हैं कि सरकार आगे भी जनहित में ऐसे सराहनीय कदम उठाती रहेगी।'
एक अन्य संचालक जीतेंद्र सिंह ने कहा कि ₹183 प्रति सिलेंडर की कमी से व्यवसाय में बड़ी राहत मिली है। उन्होंने बताया कि पहले गैस की किल्लत भी थी, लेकिन अब आपूर्ति समय पर हो रही है, जिससे ग्राहकों को बेहतर सेवा देना संभव हो रहा है।
संचालक वीरेंद्र ने बताया कि गैस की किल्लत के दौरान उन्हें लकड़ी पर काम चलाना पड़ा था और बढ़े हुए दाम सुनकर ग्राहक दूर हो गए थे। उन्होंने कहा, 'अब गैस सस्ती हुई है तो हम भी अपने उत्पादों पर दाम घटाएंगे, जिससे बाजार में रौनक आएगी।'
धर्मशाला और अन्य शहरों से आवाज़
धर्मशाला के एक रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि बढ़ी हुई कीमतों के कारण खाने-पीने की चीजें महंगी होने से ग्राहक दूरी बनाने लगे थे। उन्होंने कहा कि कीमत में कटौती के बाद जब वे भी अपने दाम कम करेंगे, तो अधिक ग्राहक आएंगे। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि सरकार गैस की आपूर्ति पहले जैसी दरों पर सुनिश्चित करती रहेगी।
आम जनता और छोटे व्यवसायों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब महंगाई की मार से छोटे खाद्य व्यवसाय पहले से दबाव में थे। कमर्शियल एलपीजी की ऊँची कीमतों का सीधा असर रेस्टोरेंट, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं पर पड़ता है, जो इसे प्रतिदिन के खाना पकाने में इस्तेमाल करते हैं। गौरतलब है कि कमर्शियल सिलेंडर की कीमत घरेलू सिलेंडर से अलग तय होती है और इसमें बदलाव सीधे खाद्य सेवा क्षेत्र की लागत को प्रभावित करता है।
क्या होगा आगे
रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि वे गैस की कम कीमत का लाभ ग्राहकों तक पहुँचाने की कोशिश करेंगे, जिससे खाने-पीने की वस्तुओं के दाम में भी कमी आ सकती है। यदि यह कटौती स्थायी रही, तो खाद्य सेवा क्षेत्र में व्यापार की गति बेहतर होने की उम्मीद है।