दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर ₹29 महंगा, 7 जून से नई कीमत ₹942
सारांश
मुख्य बातें
सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों ने 7 जून 2026 से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी कर दी है। इस संशोधन के बाद नई दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹913 से बढ़कर ₹942 हो गई है। यह वृद्धि उसी सप्ताह आई है जब ईंधन की लागत में लगातार इज़ाफ़े से आम उपभोक्ता पहले से दबाव में है।
ताज़ा बढ़ोतरी का विवरण
तेल कंपनियों ने ₹29 की यह वृद्धि ईंधन और परिवहन लागत में हुई बढ़ोतरी को कारण बताते हुए लागू की है। इससे पहले 1 जून को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में ₹42 की वृद्धि की गई थी। साथ ही, 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमत में भी ₹11 का इज़ाफ़ा किया गया था।
पाँच महीनों में कमर्शियल एलपीजी का सफर
जून की बढ़ोतरी को मिलाकर बीते पाँच महीनों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में उल्लेखनीय उछाल आया है। फरवरी में ₹49, मार्च में ₹115, और अप्रैल में ₹993 प्रति सिलेंडर की सबसे बड़ी एकल बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इसके बाद 1 जून को फिर संशोधन हुआ — यानी कारोबारी उपभोक्ताओं पर लागत का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
सीएनजी और पेट्रोल-डीजल पर भी असर
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमत में 15 मई से चार अलग-अलग संशोधनों के ज़रिए कुल ₹6 प्रति किलोग्राम की वृद्धि की जा चुकी है। 19 मई को पेट्रोल 86 पैसे प्रति लीटर और डीजल 83 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था, जिसके बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹91.58 प्रति लीटर पर पहुँच गया था। इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल-डीजल में ₹3 प्रति लीटर और CNG में ₹2 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हो चुकी थी।
आम जनता पर असर
घरेलू रसोई से लेकर छोटे व्यवसायों तक — ईंधन की यह लहर-दर-लहर बढ़ोतरी हर वर्ग की जेब पर असर डाल रही है। गौरतलब है कि घरेलू एलपीजी पर सरकारी सब्सिडी पहले से सीमित हो चुकी है, ऐसे में ₹942 की नई कीमत मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव बनाएगी। आलोचकों का कहना है कि ईंधन मूल्य वृद्धि की यह श्रृंखला महंगाई को और हवा दे सकती है।
आगे क्या
तेल कंपनियों ने अगली समीक्षा की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और रुपये-डॉलर विनिमय दर पर निर्भर करते हुए, विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले महीनों में और संशोधन से इनकार नहीं किया जा सकता।