कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर ₹200 से अधिक सस्ता, दिल्ली में नई कीमत ₹2,728; होटल-रेस्तरां को राहत
सारांश
मुख्य बातें
सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 अगस्त 2026 से प्रमुख शहरों में 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹200 से अधिक की कटौती लागू की है, जिससे रेस्तरां, होटल और खाना पकाने के लिए एलपीजी पर निर्भर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सीधी राहत मिली है। यह कटौती ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में कई बार वृद्धि देखी गई थी।
नई कीमतें: शहर-दर-शहर
नई दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹202 घटकर अब ₹2,728 हो गई है। कोलकाता में यह कटौती ₹209 की रही और नई कीमत ₹2,872.50 निर्धारित की गई है। ये दरें 1 अगस्त 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले 1 जुलाई को भी इन्हीं कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में ₹183.5 तक की कमी की थी। यानी दो महीनों में कमर्शियल उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर उल्लेखनीय राहत मिली है।
घरेलू सिलेंडर पर कोई असर नहीं
यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यह मूल्य कटौती केवल कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए है। 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। घरेलू उपभोक्ताओं को इस कटौती का सीधा लाभ नहीं मिलेगा।
आम जनता और व्यापारियों की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली के वसंत कुंज में चाय की दुकान चलाने वाले एक युवक ने कहा कि गैस की कीमतें बढ़ने पर चाय के दाम ₹10 से बढ़ाकर ₹15 करने पड़े थे। उनके अनुसार, अब इस कटौती के बाद उम्मीद है कि आम आदमी को फिर से ₹10 में चाय मिल सकेगी।
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज के एक मिठाई व्यापारी ने कहा, 'सरकार ने कीमत में ₹192 की कमी की है, जो हमारे लिए बहुत अच्छी खबर है। हमें उम्मीद है कि भविष्य में कीमतें और कम होंगी। अगर ऐसा होता है, तो और अधिक ग्राहक आ सकते हैं। पहले, जब एलपीजी की कीमतें बढ़ी थीं, तो लागत बढ़ने की वजह से हमें अपनी मिठाइयों के दाम भी बढ़ाने पड़े थे।'
पृष्ठभूमि: क्यों बढ़ी थीं कीमतें
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव आया था, जिसका सीधा असर घरेलू कमर्शियल एलपीजी दरों पर पड़ा। सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियाँ हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं और अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के आधार पर दरें संशोधित करती हैं।
आगे क्या
व्यापारी संगठनों को उम्मीद है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतें स्थिर रहीं, तो आने वाले महीनों में भी राहत जारी रह सकती है। खाद्य-सेवा उद्योग ने सरकार से घरेलू सिलेंडर की कीमतों की भी समीक्षा करने का आग्रह किया है।