JSSC CGL पेपर लीक जांच: SIT ने आयोग के अधिवक्ता संजोय पिपरवाल को भेजा समन
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) ने 15 सितंबर 2026 को आयोग के अधिवक्ता संजोय पिपरवाल को औपचारिक समन जारी किया है। एसआईटी ने उन्हें पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश देते हुए परीक्षा से जुड़े कानूनी दस्तावेजों, अदालतों में रखी गई दलीलों और विवाद सामने आने के बाद लिए गए निर्णयों पर जानकारी माँगी है।
मामले की पृष्ठभूमि
JSSC-CGL परीक्षा के संचालन में कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद झारखंड में व्यापक विवाद उत्पन्न हुआ था। इन्हीं आरोपों की पड़ताल के लिए सीआईडी ने एसआईटी का गठन किया, जो तब से परीक्षा की पूरी प्रक्रिया, प्रश्नपत्र विवाद और आयोग की ओर से उठाए गए प्रशासनिक एवं कानूनी कदमों की गहन जांच कर रही है।
गौरतलब है कि यह मामला झारखंड में सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है, और अभ्यर्थियों में इसे लेकर व्यापक रोष देखा गया था।
अधिवक्ता को समन क्यों
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी यह समझने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा विवाद सामने आने के बाद आयोग ने किस कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालती कदम उठाए और विभिन्न स्तरों पर क्या निर्णय लिए गए। इसी कड़ी में अदालतों में दाखिल दस्तावेजों और पेश की गई दलीलों की सत्यता का सत्यापन किया जा रहा है।
अधिवक्ता संजोय पिपरवाल से पूछताछ में आयोग की ओर से विभिन्न अदालती मामलों में रखे गए पक्ष, परीक्षा से संबंधित कानूनी दस्तावेज और संबंधित पत्राचार पर सवाल किए जाने की संभावना है।
जांच का दायरा
एसआईटी परीक्षा संचालन में शामिल बाहरी एजेंसियों, आयोग के अधिकारियों और कानूनी पक्ष से जुड़े लोगों के बीच हुए पत्राचार तथा विभिन्न निर्णयों के समयक्रम का भी मिलान कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच टीम अब तक आयोग के कई अधिकारियों, परीक्षा संचालन से जुड़ी बाहरी एजेंसियों के प्रतिनिधियों और अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अधिवक्ता को समन जारी किया जाना इसी व्यापक जांच प्रक्रिया का हिस्सा है, न कि किसी एकल कड़ी पर फोकस।
आगे की कार्रवाई
एसआईटी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और बयानों का मिलान जारी रखे हुए है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह मामला रांची की अदालतों में भी विचाराधीन है, और एसआईटी की रिपोर्ट आने वाले दिनों में अभ्यर्थियों के भविष्य पर निर्णायक प्रभाव डाल सकती है।