कर्नाटक में गणेश उत्सव के दौरान तीन जिलों में सड़क हादसे, 7 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में गणेश उत्सव के जश्न के बीच सोमवार रात से मंगलवार सुबह के दरम्यान बेलगावी, कलबुर्गी और मांड्या जिलों में हुए तीन अलग-अलग सड़क हादसों में कम से कम सात लोगों की जान चली गई। हादसों में मारे गए अधिकांश लोग उत्सव में शामिल होकर घर लौट रहे थे।
मांड्या हादसा: टैंकर ने परिवार को रौंदा
मांड्या में मंगलवार तड़के करीब 4:15 बजे एक टैंकर ने स्कूटर सवार परिवार को रौंद दिया, जिसमें मुत्तुराज, उनकी पत्नी काव्या और बेटी कीर्तन की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि टक्कर के बाद टैंकर स्कूटर को कुछ दूरी तक घसीटता ले गया।
मुत्तुराज बेंगलुरु के पीन्या इलाके की एक फैक्ट्री में कार्यरत थे। परिवार गणेश उत्सव मनाने के लिए अपनी सास के घर गया था और उत्सव के बाद बेंगलुरु वापस लौट रहा था। हादसे में दंपति की दूसरी बेटी गंभीर रूप से घायल हुई है। शवों को मांड्या इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया है। परिजनों के अनुसार, अंतिम संस्कार कनकपुरा के कूटगनहल्ली में किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि टैंकर चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार हादसे की संभावित वजह है; चालक मौके से फरार हो गया और उसकी तलाश जारी है।
कलबुर्गी हादसा: दो दोपहिया वाहनों की टक्कर
कलबुर्गी शहर में हीरापुरा रोड फ्लाईओवर पर हुई दुर्घटना में प्रशांत बिरादर की मौत हो गई और उनके एक साथी को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों गणेश प्रतिमा लाने जा रहे थे। प्रशांत की मोटरसाइकिल दूसरे दोपहिया वाहन से टकरा गई, जिससे दोनों सवार सड़क पर गिर गए और सिर में गंभीर चोटें आईं। प्रशांत ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
बेलगावी हादसा: KSRTC बस ने बाइक को मारी टक्कर
बेलगावी के सावदत्ती कस्बे के बाहरी इलाके में सोमवार देर रात एक केएसआरटीसी बस ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिसमें 22 वर्षीय विनोद होगेन्नावर, 20 वर्षीय आकाश और रवि कुरुबारा की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, तीनों धारवाड़ से गणेश जुलूस देखकर सावदत्ती लौट रहे थे, तभी विपरीत दिशा से आ रही बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मारी।
उत्सव और सड़क सुरक्षा का पुराना संकट
यह ऐसे समय में आया है जब गणेश उत्सव के दौरान देर रात आवाजाही में भारी वृद्धि होती है। गौरतलब है कि त्योहारी मौसम में सड़क दुर्घटनाओं की दर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है, खासकर रात्रि के समय जब दृश्यता कम और थकान अधिक होती है। आलोचकों का कहना है कि त्योहारी अवसरों पर विशेष सड़क सुरक्षा उपायों की कमी लंबे समय से चिंता का विषय रही है।
आगे की कार्रवाई
तीनों जिलों की पुलिस ने मामले दर्ज कर लिए हैं। मांड्या में फरार टैंकर चालक की तलाश जारी है। घायलों का उपचार जिला अस्पतालों में किया जा रहा है। सड़क परिवहन अधिकारियों से जाँच की माँग उठ रही है।