तेलंगाना के संगारेड्डी में टैंकर-ऑटो टक्कर, कर्नाटक के 5 मजदूरों की मौत; 7 घायल
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में 11 अगस्त 2026 को हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में कर्नाटक के बीदर जिले के 5 कृषि मजदूरों की मौत हो गई और 7 अन्य घायल हो गए। जहीराबाद मंडल के न्यू सतवार इलाके में एक तेज रफ्तार टैंकर ने ऑटो रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें ये सभी मजदूर सवार थे।
मुख्य घटनाक्रम
मृतक और घायल सभी कर्नाटक के बीदर जिले के कृषि मजदूर बताए जा रहे हैं, जो काम की तलाश में जहीराबाद और आसपास के क्षेत्रों में आए हुए थे। घायलों को तत्काल जहीराबाद के एरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक के सीमावर्ती जिलों से हर मौसम में बड़ी संख्या में कृषि मजदूर तेलंगाना के जहीराबाद और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के लिए आते हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएँ प्रकट करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायल मजदूरों को हर संभव बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
संगारेड्डी में दूसरा हादसा
इसी दिन संगारेड्डी जिले में एक अन्य सड़क दुर्घटना में 2 और लोगों की जान चली गई। पुलिस के अनुसार, यह हादसा कोहिर मंडल के वेंकटापुर चौराहे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-65 पर हुआ। एक अनियंत्रित कार पहले डिवाइडर से टकराई और फिर विपरीत दिशा से आ रहे वाहनों से भिड़ गई। इस हादसे में 4 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और राजमार्ग पर लंबा यातायात जाम लग गया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाया और यातायात सामान्य किया।
हैदराबाद में रेल हादसा: माँ-बेटे की मौत
उसी दिन हैदराबाद में एक और दर्दनाक घटना सामने आई। 23 वर्षीया अनुशा और उनके 2 वर्षीय बेटे तिरिनाथ की बडवेल और शिवरामपल्ली रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। रेलवे पुलिस के अनुसार, अनुशा रेलवे ट्रैक के पास झाड़ियों की सफाई के काम में लगी थीं — इस कार्य में कुल 15 मजदूर लगे हुए थे। उनका बेटा तिरिनाथ खेलते-खेलते रेलवे ट्रैक पर पहुँच गया। अनुशा उसे बचाने के लिए दौड़ीं, लेकिन ट्रैक पर मोड़ होने के कारण वह आती हुई ट्रेन को नहीं देख सकीं। दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन से बेंगलुरु यशवंतपुर जा रही कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की चपेट में आने से माँ और बेटे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। अनुशा मूल रूप से वारंगल जिले के एक गाँव की निवासी थीं और रोजगार के लिए हैदराबाद आई हुई थीं।
आम जनता पर असर
एक ही दिन में तेलंगाना में हुई इन तीन अलग-अलग दुर्घटनाओं में कुल 7 लोगों की जान गई। गौरतलब है कि इन हादसों में मारे गए अधिकतर लोग प्रवासी मजदूर थे — जो बेहतर आजीविका की तलाश में अपने घर-परिवार से दूर आए थे। यह घटनाएँ प्रवासी मजदूरों की सड़क और कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।