यूपी चुनाव 2027: भाजपा सांसद भोला सिंह का दावा — एनडीए तीसरी बार पूर्ण बहुमत से जीतेगी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद भोला सिंह ने 15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में एनडीए (NDA) को पूर्ण बहुमत मिलेगा और प्रदेश में तीसरी बार भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूपी की जनता एक बार फिर भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर भरोसा जताएगी।
सपा पर सीधा हमला
भोला सिंह ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई थी। उन्होंने कहा, 'उस समय महिलाओं और बहनों की सुरक्षा को लेकर लोगों में गहरी चिंता रहती थी और युवाओं को रोज़गार के नाम पर पैसे लिए जाते थे।' सांसद ने कहा कि जनता इन बातों को नहीं भूली है और 2027 में चुनावी नतीजों के ज़रिए अपना जवाब देगी।
मोदी सरकार की उपलब्धियाँ और विकसित भारत का संकल्प
भोला सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनमें अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को हटाना प्रमुख है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चुनावी वादों को पूरा करने के साथ-साथ राष्ट्रहित और जनकल्याण से जुड़े फ़ैसले लेने में भी पीछे नहीं रही। मोदी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार हर ज़रूरी कदम उठाती रहेगी।
यूसीसी और एनडीए की एकजुटता
समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर भोला सिंह ने कहा कि एनडीए के सभी सहयोगी दल भाजपा के साथ खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार में कोई भी महत्वपूर्ण फ़ैसला सभी सहयोगी दलों के साथ विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाता है। गृह मंत्री अमित शाह ने यूसीसी को लेकर जो बात कही है, उस पर सभी दलों से चर्चा हुई है।
ओवैसी पर पलटवार
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के यूसीसी संबंधी बयान पर भोला सिंह ने आरोप लगाया कि ओवैसी अपना वोट बैंक बनाए रखने के लिए सरकारी कार्यों का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' की नीति पर काम कर रही है और मुस्लिम समुदाय समेत सभी वर्गों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों का एजेंडा, उन्होंने कहा, जनता के सामने स्पष्ट है।
आगे क्या
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की अभी तारीखों की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सभी प्रमुख दल अभी से रणनीति बनाने में जुट गए हैं। भाजपा और सपा दोनों के नेताओं के बयानों से साफ़ है कि यह चुनाव विकास, कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर लड़ा जाएगा। भोला सिंह का यह बयान उसी रणनीतिक कथन-युद्ध की एक कड़ी है जो प्रदेश में पहले से ही शुरू हो चुका है।