भोला सिंह का कांग्रेस पर हमला: 'बांटने का काम कांग्रेस ने किया, मोदी सरकार सबका विकास कर रही है'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद भोला सिंह ने 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि देश में विभाजन की राजनीति कांग्रेस की देन है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' की नीति पर अडिग है। नितिन नवीन की नई टीम में शामिल होने के बाद भोला सिंह की यह पहली विस्तृत प्रतिक्रिया है।
नितिन नवीन की टीम और नई जिम्मेदारी
भोला सिंह ने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, उसे वे पूरी ईमानदारी और मेहनत से निभाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का विश्वास उनके लिए सर्वोपरि है और वे इसे किसी भी कीमत पर कायम रखेंगे।
2027 उत्तर प्रदेश चुनाव पर दावा
2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भोला सिंह ने दावा किया कि बीते साढ़े नौ वर्षों में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, कानून-व्यवस्था की बहाली और गुंडागर्दी के खात्मे का काम हुआ है। उन्होंने कहा कि 'डबल इंजन' सरकार ने जनता की अपेक्षाओं को पूरा किया है और इसी आधार पर 2027 में भाजपा प्रचंड बहुमत से सत्ता में वापस लौटेगी।
असम सरकार की पहलों पर समर्थन
असम सरकार द्वारा माता-पिता की अनदेखी करने वाले सरकारी कर्मचारियों के वेतन से 10 प्रतिशत कटौती के नियम को भोला सिंह ने सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता पूरा जीवन बच्चों की परवरिश में लगाते हैं और उनके बुढ़ापे में उन्हें अकेला छोड़ना सामाजिक रूप से अनुचित है। इसी तरह, बिना तलाक के दूसरी शादी करने वाले कर्मचारियों के वेतन से 20 प्रतिशत कटौती के नियम को भी उन्होंने सामाजिक सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम बताया, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकारी आदेश से पहले लोगों को स्वयं ऐसे आचरण से बचना चाहिए।
चिदंबरम और कांग्रेस पर हमला
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम पर दिए बयान का समर्थन करते हुए भोला सिंह ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान घोटालों में चिदंबरम की भूमिका रही है और वे इस सिलसिले में जेल भी जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का काम सत्ता में रहकर लूटना रहा हो, वे जनकल्याणकारी सरकार पर सवाल उठाएं तो यह स्वाभाविक नहीं लगता।
'वंदे मातरम' विवाद और खड़गे के बयान पर पलटवार
भोला सिंह ने कहा कि संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन जब सदन में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' बजाया गया, तब कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मुद्रा सम्मानजनक नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस कार्यालय में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 'वंदे मातरम' गान को लेकर असहज दिखे। खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि देश को जाति और धर्म के नाम पर बांटने का काम कांग्रेस ने किया है, जबकि मोदी सरकार की योजनाएं हर जाति, हर धर्म और हर वर्ग के लिए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो रही है।