ओडेसा पोर्ट हमले में 4 भारतीयों की मौत, विदेश मंत्रालय ने रूसी राजनयिक को तलब किया
सारांश
मुख्य बातें
भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार, 21 जुलाई को रूसी चार्ज डी'अफेयर्स को तलब किया, जब यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट से रवाना हो रहे एक व्यापारिक जहाज पर हुए रूसी हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई और एक भारतीय नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना 19 जुलाई की शाम को हुई, जब मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन लियो बंदरगाह छोड़ रहा था।
हमले का विवरण
विदेश मंत्रालय के अनुसार, जहाज एमवी गोल्डन लियो पर उस समय 17 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें पाँच भारतीय नागरिक शामिल थे। यूक्रेन एयर फोर्स ने बताया कि रूसी सेना ने तीन केएच-59/केएच-69 क्रूज मिसाइलें दागीं, जिनमें से एक मिसाइल गिनी-बिसाऊ के झंडे तले चल रहे इस जहाज के दाहिने हिस्से से टकराई और आग लग गई। आठ नाविकों को बचाकर ओडेसा के अस्पताल ले जाया गया।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, 'मौजूदा जानकारी के अनुसार, चार भारतीय नागरिकों की दुखद मौत हो गई है, जबकि एक गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। यूक्रेन में हमारा मिशन स्थिति पर करीब से नज़र रख रहा है और प्रभावित लोगों को हर मुमकिन मदद देने की पूरी कोशिश कर रहा है।' मंत्रालय ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायल नागरिक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि 'भारत ऐसे हमलों की निंदा करता है और दोहराता है कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना और बेगुनाह नागरिक क्रू मेंबर्स को खतरे में डालना, या किसी भी तरह से नेविगेशन और व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा डालना, अस्वीकार्य है।'
रूस का पक्ष और व्यापक संदर्भ
रूसी रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि उसकी सशस्त्र सेनाओं ने यूक्रेन के बंदरगाहों और यूक्रेनी सेना के लाभ के लिए काम करने वाले जहाजों पर हमले जारी रखे। रूस का दावा है कि इन हमलों में जहाज-रोधी ओनिक्स मिसाइलों, हवा से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइलों और लोइटरिंग म्यूनिशन का उपयोग किया गया। मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि ओडेसा बंदरगाह के पास लंगर डाले दो मालवाहक जहाज सैन्य सामान ले जा रहे थे — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
कीव पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में कुल 10 लोग मारे गए। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष में काला सागर और ओडेसा क्षेत्र के बंदरगाह बार-बार निशाना बनते रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
भारतीय नागरिकों पर असर
यह पहला मौका नहीं है जब रूस-यूक्रेन युद्ध में भारतीय नागरिक हताहत हुए हों। इससे पहले भी भारतीय छात्रों और कामगारों के युद्धक्षेत्र में फँसने की खबरें आती रही हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन में भारतीय मिशन प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
आगे की स्थिति
रूसी राजनयिक को तलब करना भारत की कूटनीतिक चिंता का औपचारिक संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अपनी 'रणनीतिक स्वायत्तता' की नीति के तहत रूस के साथ संबंध बनाए रखते हुए भी नागरिक जीवन की रक्षा के मामले में दृढ़ रुख अपनाता रहेगा। घायल भारतीय नागरिक की स्थिति पर नज़र बनाए रखी जा रही है और परिवारों को नियमित अपडेट दिए जा रहे हैं।