रूस के ड्रोन-मिसाइल हमलों में यूक्रेन के 12 लोगों की मौत, एक भारतीय नागरिक भी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन ने सोमवार, 1 सितंबर की शाम रूसी जेट-इंजन ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के एक और बड़े हमले की लहर झेली, जिसमें कुल 12 लोगों की मौत हो गई — इनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने बताया कि ये हमले एक बार फिर सामान्य नागरिक ढाँचे को निशाना बनाकर किए गए और देश के कई शहरों व क्षेत्रों में तबाही मचाई गई।
मुख्य घटनाक्रम
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि हमले के बाद हुए नुकसान से निपटने का काम कई शहरों और समुदायों में रात से ही लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि केवल कीव और उसके आसपास के क्षेत्र में करीब 350 बचावकर्मी राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं। इन हमलों में बड़ी संख्या में जेट-इंजन ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
बोरिस्पिल में एक सामान्य पाँच मंजिला आवासीय इमारत क्षतिग्रस्त हो गई, जहाँ से 50 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इस शहर में 4 लोगों की मौत हुई और 13 लोग घायल हुए। कई कारोबारी प्रतिष्ठान भी हमले की चपेट में आए।
कीव के एक रेलवे डिपो पर हुए हमले में 7 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा खेरसॉन, दोनेत्स्क, ज़ापोरिज्जिया, खार्किव, चेर्निहाइव, ज़ाइटॉमिर, सुमी और निप्रो क्षेत्रों पर भी हमले हुए।
ओडेसा और सीमा चौकी पर हमला
सोमवार शाम से ओडेसा और उसके आसपास के क्षेत्र पर भी निर्देशित हवाई बमों और ड्रोन से हमले जारी रहे। हज़ारों परिवार बिजली के बिना रहने पर मजबूर हुए और बिजली बहाल करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। रोमानिया के साथ सीमा पर स्थित एक सीमा चौकी को जानबूझकर नुकसान पहुँचाया गया और निर्यात से जुड़ा बुनियादी ढाँचा भी प्रभावित हुआ।
भारतीय नागरिक की मौत
इन हमलों में मारे गए 12 लोगों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन में अभी भी कई विदेशी नागरिक मौजूद हैं और भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रही है। मृत भारतीय नागरिक की पहचान या अन्य विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
ज़ेलेंस्की की अपील और आगे की राह
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस अपने हमलों की योजना इस तरह बनाता है कि लोगों के जीवन को अधिकतम नुकसान पहुँचे, और वह तभी सफल होता है जब हवाई रक्षा क्षमताएँ पर्याप्त नहीं होतीं। उन्होंने उन सभी देशों और साझेदारों का आभार जताया जो 'पर्ल' और द्विपक्षीय सहायता के माध्यम से यूक्रेन को बैलिस्टिक मिसाइलों से रक्षा करने की क्षमता उपलब्ध करा रहे हैं।
ज़ेलेंस्की ने ज़ोर देकर कहा कि आने वाले शरद ऋतु के महीनों में ऐसी सहायता और बढ़नी चाहिए, क्योंकि रूसी हमलों के पीड़ितों की संख्या सीधे तौर पर यूक्रेन को मिलने वाली नई सहायता पर निर्भर करती है। गौरतलब है कि यह हमला रूस-यूक्रेन संघर्ष की उस लंबी श्रृंखला की कड़ी है जिसमें नागरिक बुनियादी ढाँचे को बार-बार निशाना बनाया गया है।