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राज्य टी20 लीगों में भ्रष्टाचार का खतरा: ललित मोदी ने माँगी कड़ी निगरानी, UPCA पर उठाए सवाल

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राज्य टी20 लीगों में भ्रष्टाचार का खतरा: ललित मोदी ने माँगी कड़ी निगरानी, UPCA पर उठाए सवाल

सारांश

आईपीएल के जनक ललित मोदी ने राज्य टी20 लीगों की तारीफ की, लेकिन साथ ही कड़ी चेतावनी भी दी — बिना पारदर्शी शासन के ये लीगें मैच-फिक्सिंग और बुकमेकर्स का आसान शिकार बन सकती हैं। UPCA का नाम लेकर उन्होंने स्वतंत्र जाँच की माँग की, जो भारतीय क्रिकेट प्रशासन में एक बड़ी बहस छेड़ सकती है।

मुख्य बातें

ललित मोदी ने 1 सितंबर को कहा कि राज्य टी20 लीगें भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक हैं, बशर्ते उन पर कड़ी निगरानी हो।
मोदी ने मैच-फिक्सिंग, स्पॉट-फिक्सिंग, बुकमेकर्स और संदिग्ध ओनरशिप को छोटी लीगों के लिए सबसे बड़े खतरे बताया।
UPCA का नाम लेते हुए उन्होंने राजीव शुक्ला से जुड़े शासन सवालों की स्वतंत्र और पारदर्शी जाँच की माँग की।
हर लीग में एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल, स्वतंत्र ऑडिट और पारदर्शी अनुबंध अनिवार्य होने चाहिए।
मोदी ने कहा, 'क्रिकेट प्रशासन को मुट्ठी भर लोगों का निजी क्लब नहीं बनने देना चाहिए।'

आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी ने 1 सितंबर को कहा कि भारत में राज्य स्तरीय टी20 लीगों का विस्तार भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य क्रिकेट एसोसिएशनों को मैच-फिक्सिंग, बुकमेकर्स और वित्तीय अनियमितताओं से बचने के लिए अत्यंत सतर्क और पारदर्शी शासन सुनिश्चित करना होगा। मोदी ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) का नाम लेते हुए उसके शासन पर उठे सवालों की स्वतंत्र जाँच की माँग भी की।

राज्य लीगों की संभावना और जोखिम

ललित मोदी ने कहा कि राज्य टी20 लीगों के बढ़ने से युवा और अनदेखी प्रतिभाओं को दबाव में प्रदर्शन करने और आईपीएल तक पहुँचने का एक नया मंच मिला है। उन्होंने कहा, 'स्टेट लीग इंडियन क्रिकेट के लिए सकारात्मक हैं। आईपीएल इकोसिस्टम के बढ़ने के साथ ऐसा होना ही था, और अगर इन्हें ठीक से बनाया जाए, तो ये लीग युवा और अनदेखी प्रतिभाओं के लिए दबाव में प्रदर्शन करने, लोगों की नजर में आने और शायद आईपीएल और उससे ऊपर के स्तर तक पहुंचने का एक शानदार रास्ता बन सकती हैं।'

हालाँकि, उन्होंने इस विस्तार के साथ आने वाली जिम्मेदारियों पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, 'इन लीगों के तेजी से बढ़ने के साथ एक गंभीर जिम्मेदारी भी आती है। उन्हें पेशेवर तरीके से चलाया जाना चाहिए और संबंधित स्टेट एसोसिएशन द्वारा मजबूत स्वतंत्र गवर्नेंस के साथ बहुत बारीकी से मॉनिटर किया जाना चाहिए।'

भ्रष्टाचार के जोखिम पर चेतावनी

ललित मोदी ने स्पष्ट किया कि छोटी लीगें भ्रष्ट तत्वों के लिए आसान निशाना बन सकती हैं। उन्होंने कहा, 'अगर पहले दिन से ही सही सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो छोटी लीग बुकमेकर्स, मैच-फिक्सिंग, स्पॉट-फिक्सिंग, प्लेयर मैनिपुलेशन, हितों के टकराव, संदिग्ध ओनरशिप या वित्तीय हितों और दूसरे भ्रष्ट तरीकों के लिए खास तौर पर कमजोर हो सकती हैं।'

उन्होंने प्रत्येक लीग के लिए अनिवार्य मानकों की सूची भी गिनाई — मजबूत एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल, खिलाड़ियों की शिक्षा, ड्रेसिंग रूम तक पहुँच पर सख्त नियंत्रण, मालिकों और अधिकारियों की उचित जाँच, पारदर्शी अनुबंध और भुगतान, स्वतंत्र ऑडिट, तथा संदिग्ध बेटिंग पैटर्न की सक्रिय निगरानी।

UPCA और राजीव शुक्ला पर सवाल

मोदी ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ पिछले कुछ वर्षों में शासन, पारदर्शिता, हितों के टकराव और प्रशासनिक प्रभाव से जुड़े आरोप बार-बार सार्वजनिक रूप से उठाए गए हैं। उन्होंने राजीव शुक्ला का नाम लेते हुए कहा कि ऐसे सवालों को अनुत्तरित छोड़ने के बजाय उनकी स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए और पारदर्शी तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी वरिष्ठ क्रिकेट प्रशासक ने राज्य एसोसिएशनों के शासन पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हों। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कई राज्यों में टी20 लीगों का तेजी से विस्तार हो रहा है और नियामक ढाँचे की माँग बढ़ रही है।

शासन सुधार की अपील

मोदी ने जोर दिया कि क्रिकेट प्रशासन किसी एक व्यक्ति या मुट्ठी भर लोगों के हाथ में नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'क्रिकेट प्रशासन को कुछ मुट्ठी भर लोगों द्वारा नियंत्रित निजी क्लब न बनने दें।' उन्होंने नियामक निरीक्षण, हितों के टकराव के खुलासे, फ्रेंचाइजी ओनरशिप की जाँच, स्वतंत्र वित्तीय ऑडिट और प्रशासकों की जवाबदेही को आवश्यक बताया।

मोदी ने अपने इंस्टाग्राम पर भी लिखा, 'मैंने आईपीएल को इसलिए बनाया ताकि उसे कभी मेरी जरूरत न पड़े। लगभग दो दशक बाद भी, यह रिकॉर्ड तोड़ता रहता है। यह सफलता नहीं, बल्कि संस्थान का निर्माण है।'

आगे की राह

ललित मोदी का मानना है कि बिना सुदृढ़ शासन के लीगों का विस्तार भारतीय क्रिकेट के लिए वरदान की जगह बोझ बन सकता है। उन्होंने कहा, 'आईपीएल ने दिखाया कि जब मौका, प्रतिभा और वाणिज्यीकरण एक साथ आते हैं तो कितनी बड़ी वैल्यू बन सकती है। लीग की अगली जेनरेशन को यह पक्का करना होगा कि ईमानदारी भी उतनी ही तेजी से बढ़े जितनी तेजी से पैसा बढ़ता है।' राज्य एसोसिएशनों के सामने अब यह चुनौती है कि वे विकास और पारदर्शिता के बीच संतुलन कैसे बनाएँ।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह क्रिकेट प्रशासन की उस पुरानी बीमारी की ओर इशारा करता है जहाँ शक्ति कुछ चुनिंदा हाथों में केंद्रित रहती है। विडंबना यह है कि जो व्यक्ति आज पारदर्शिता की माँग कर रहा है, उसका खुद का कार्यकाल भी विवादों से अछूता नहीं रहा। फिर भी, राज्य लीगों में नियामक शून्यता एक वास्तविक और बढ़ता हुआ खतरा है — और इस मुद्दे को उठाने वाले की पृष्ठभूमि से अलग करके देखा जाना चाहिए।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ललित मोदी ने राज्य टी20 लीगों के बारे में क्या कहा?
ललित मोदी ने कहा कि राज्य टी20 लीगें भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक हैं क्योंकि ये युवा प्रतिभाओं को मंच देती हैं। हालाँकि, उन्होंने चेतावनी दी कि बिना कड़ी निगरानी और पारदर्शी शासन के ये लीगें मैच-फिक्सिंग और भ्रष्टाचार का शिकार बन सकती हैं।
ललित मोदी ने UPCA पर क्या आरोप लगाए?
ललित मोदी ने UPCA का नाम लेते हुए कहा कि वहाँ पिछले कुछ वर्षों में शासन, पारदर्शिता और हितों के टकराव से जुड़े सवाल बार-बार उठे हैं। उन्होंने राजीव शुक्ला का उल्लेख करते हुए इन सवालों की स्वतंत्र और पारदर्शी जाँच की माँग की।
राज्य टी20 लीगों में भ्रष्टाचार के क्या-क्या खतरे हैं?
ललित मोदी के अनुसार, छोटी लीगें बुकमेकर्स, मैच-फिक्सिंग, स्पॉट-फिक्सिंग, खिलाड़ियों के साथ छेड़छाड़, संदिग्ध ओनरशिप और वित्तीय अनियमितताओं के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील होती हैं। यह तब और बढ़ जाता है जब पहले दिन से सही सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते।
राज्य क्रिकेट लीगों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए क्या उपाय सुझाए गए हैं?
ललित मोदी ने एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल, खिलाड़ियों की शिक्षा, ड्रेसिंग रूम तक पहुँच पर सख्त नियंत्रण, मालिकों की उचित जाँच, पारदर्शी अनुबंध, स्वतंत्र वित्तीय ऑडिट और संदिग्ध बेटिंग पैटर्न की सक्रिय निगरानी को अनिवार्य बताया।
ललित मोदी ने आईपीएल की सफलता को किस रूप में देखा?
ललित मोदी ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा कि उन्होंने आईपीएल को इसलिए बनाया ताकि उसे कभी उनकी जरूरत न पड़े, और लगभग दो दशक बाद भी यह रिकॉर्ड तोड़ता रहता है। उनके अनुसार यह सफलता नहीं, बल्कि एक संस्थान का निर्माण है।
राष्ट्र प्रेस
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