ईटीपीएल में आईपीएल और एसए20 मॉडल से बनेगा प्रतिभाओं का पूल: जोंटी रोड्स
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर और विश्वस्तरीय फील्डर जोंटी रोड्स ने 2 जुलाई 2026 को कहा कि यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) पूरे यूरोप महाद्वीप में क्रिकेट के विकास में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। उनका मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और एसए20 के अनुभव ईटीपीएल की नींव को मजबूत करने में काम आएंगे।
रोड्स का दृष्टिकोण: ट्रॉफी से बड़ा लक्ष्य
रोड्स ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि लीग का दीर्घकालिक उद्देश्य केवल एक चैंपियन टीम तैयार करना नहीं, बल्कि यूरोप में जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं का पूल विकसित करना है। उन्होंने यह बात रॉटरडैम के लिए अपनी ओपनिंग पिक में उभरते आयरलैंड के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जय मूंदड़ा को चुनने के बाद कही।
रोड्स ने कहा, '2009 से आईपीएल में काम करने और बाद में एसए20 को तेज़ी से आगे बढ़ते देखने के बाद मुझे लगता है कि फ्रेंचाइजी लीग ने यह साबित किया है कि वे पेशेवर स्तर से परे क्रिकेट के माहौल को कैसे बदल सकती हैं।'
एसए20 का सबक: रग्बी को टक्कर दी क्रिकेट ने
55 वर्षीय रोड्स ने दक्षिण अफ्रीका में क्रिकेट की स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा, 'हमारी रग्बी टीम ने लगातार दो विश्व कप जीते, जिससे क्रिकेट लोकप्रियता में पीछे रह गया था। एसए20 ने दक्षिण अफ्रीका में क्रिकेट के प्रति लोगों की दिलचस्पी फिर से जगाई है।' उन्होंने इसकी तुलना फीफा विश्व कप से की, जिसने देश में फुटबॉल का क्रेज बढ़ाया था।
रोड्स के अनुसार, एसए20 की वजह से बच्चों में क्रिकेट के प्रति रोमांच बढ़ा है — और ईटीपीएल यूरोप में यही बदलाव ला सकती है।
यूरोप में क्रिकेट का जुनून: स्वीडन से सबूत
रोड्स ने बताया कि स्वीडिश राष्ट्रीय टीम को ढाई साल तक कोचिंग देने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि पूरे यूरोप में क्रिकेट के प्रति गहरा जुनून मौजूद है। उन्होंने कहा, 'लगभग 30 देश आईसीसी के सदस्य हैं। यूरोप में लोग क्रिकेट को लेकर कितने उत्साहित हैं, यह देखना वाकई दिलचस्प था।'
गौरतलब है कि यूरोप में क्रिकेट की पहुँच अब केवल इंग्लैंड और नीदरलैंड तक सीमित नहीं रही — स्कैंडिनेवियाई देशों से लेकर पूर्वी यूरोप तक खेल का विस्तार हो रहा है।
ईटीपीएल की रणनीति: शीर्ष और जमीन, साथ-साथ
रोड्स ने जोर देकर कहा, 'ईटीपीएल सिर्फ छोटे या अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए नहीं है — यह जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं के पूल को विकसित करने और बढ़ाने के बारे में है। हम उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के अलावा ग्रासरूट नज़रिए से भी देख रहे हैं।'
उन्होंने यह भी कहा कि लीग का मकसद खेल को उससे बेहतर जगह पर छोड़ना है, जहाँ उसे पाया था — एक ऐसा लक्ष्य जो आईपीएल के शुरुआती दिनों में भारतीय क्रिकेट के लिए भी निर्धारित किया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) यूरोप में खेल के प्रसार को प्राथमिकता दे रही है।