तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंदर राव हैदराबाद में गिरफ्तार, नलगोंडा जाने से रोका गया
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव को मंगलवार, 1 सितंबर को हैदराबाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह नलगोंडा जिले में भाजपा नेता नागम वर्षित रेड्डी से मिलने जाने की कोशिश कर रहे थे, जिनके घर पर भाजपा के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला और तोड़फोड़ की थी। यह गिरफ्तारी एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को नजरबंद किए जाने की घटना बताई जा रही है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पुलिस ने सुबह से ही हैदराबाद के तारनाका स्थित रामचंदर राव के आवास के बाहर सुरक्षा बल तैनात कर उन्हें घर में नजरबंद कर रखा था। जैसे ही वह नलगोंडा रवाना होने के लिए वाहन में सवार होने लगे, पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर गांधी नगर पुलिस थाने पहुँचा दिया।
रामचंदर राव के आरोप
रामचंदर राव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस सरकार ने उन्हें नलगोंडा भाजपा जिला अध्यक्ष से मिलने से रोकने के लिए गिरफ्तार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'कांग्रेस के गुंडों' ने भाजपा नेता के घर में तोड़फोड़ की और लोकतंत्र व संविधान की अनदेखी करते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया।
नलगोंडा में झड़प की पृष्ठभूमि
भाजपा के अनुसार, सोमवार शाम नलगोंडा में दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिसके बाद कथित तौर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नागम वर्षित रेड्डी के घर पर हमला किया। पार्टी का दावा है कि इस हमले में वर्षित रेड्डी की माँ सहित परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की गई। पुलिस की ओर से इन आरोपों पर स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
केंद्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने रामचंदर राव की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को नजरबंद किया जाना तेलंगाना में कांग्रेस सरकार की अलोकतांत्रिक कार्यशैली को उजागर करता है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने भी गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं पर हमला करने वालों को संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में खड़े होने वालों को गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने रामचंदर राव की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की माँग की।
आगे क्या होगा
भाजपा ने आरोप लगाया है कि हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय तेलंगाना की कांग्रेस सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए भाजपा नेताओं को निशाना बना रही है। यह घटना तेलंगाना में भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में आई है, और आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक गर्मी और बढ़ने की संभावना है।