हरीश राव हिरासत में: हनुमाकोंडा में सरकारी कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान BRS नेता गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (BRS) के वरिष्ठ नेता और तेलंगाना विधानसभा में दल के उपनेता टी. हरीश राव को पुलिस ने 27 अगस्त 2026 को हनुमाकोंडा जिला कलेक्ट्रेट के बाहर हिरासत में ले लिया। वे तेलंगाना नॉन-गजेटेड ऑफिसर्स (TNGO) एसोसिएशन द्वारा अपनी लंबित माँगों के समर्थन में आयोजित विरोध प्रदर्शन में एकजुटता दिखाने पहुँचे थे।
घटनाक्रम: कैसे बढ़ा तनाव
पुलिस और BRS कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के बाद हनुमाकोंडा कलेक्ट्रेट परिसर में तनाव का माहौल बन गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पूर्व मंत्री के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें वाहन में बैठने की अनुमति दिए बिना ही पैदल पुलिस स्टेशन तक ले जाया गया। BRS कार्यकर्ताओं ने पुलिस के इस आचरण पर तीखा विरोध जताया।
नजरबंदी से बचकर पहुँचे हनुमाकोंडा
इससे पहले हैदराबाद के कोकापेट स्थित उनके आवास पर पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया था। वे वारंगल के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रों से मिलने जाना चाहते थे, जो यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी में पॉलिटेक्निकों के विलय के सरकारी आदेश को वापस लेने की माँग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। हरीश राव पुलिस को चकमा देकर हनुमाकोंडा पहुँचने में सफल रहे, जहाँ TNGO प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
हरीश राव के आरोप: सरकार पर निशाना
हिरासत से पहले मीडिया से बात करते हुए हरीश राव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार देश की एकमात्र ऐसी सरकार है जिसने महँगाई भत्ते (DA) की छह किस्तें लंबित रखी हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की माँगों के लिए BRS के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया और सरकार से समस्याओं का तत्काल समाधान करने की अपील की।
पेंशन और वेतन संशोधन पर सवाल
हरीश राव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने चुनाव से पहले अंशदायी पेंशन योजना (CPS) को पुरानी पेंशन योजना (OPS) से बदलने का वादा किया था। सत्ता में आने के करीब तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो CPS समाप्त की गई है और न ही वेतन संशोधन आयोग के संबंध में कोई प्रस्ताव पारित हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में सरकारी कर्मचारियों का असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
आगे क्या होगा
BRS ने हिरासत की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास बताया है। TNGO एसोसिएशन की माँगें — DA की बकाया किस्तें, OPS की बहाली और वेतन संशोधन — अभी भी अनसुलझी हैं। पार्टी ने संकेत दिया है कि यदि सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए तो आंदोलन और तेज होगा।