हरीश राव समेत बीआरएस नेता हिरासत में, गन पार्क बहस से पहले हैदराबाद में सियासी तूफान
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व मंत्री टी. हरीश राव और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कई वरिष्ठ नेताओं को हैदराबाद पुलिस ने 3 जुलाई 2025 को उस समय हिरासत में ले लिया, जब वे गन पार्क (तेलंगाना शहीद स्मारक) में सत्ताधारी कांग्रेस के मंत्रियों के साथ प्रस्तावित सार्वजनिक बहस में शामिल होने के लिए तेलंगाना भवन स्थित बीआरएस मुख्यालय से निकल रहे थे। यह बहस गुरुकुल आवासीय स्कूल के टेंडरों में कथित अनियमितताओं और तेलंगाना पर बढ़ते कर्ज के बोझ को लेकर आयोजित होनी थी।
मुख्य घटनाक्रम
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) ने बुधवार को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को खुली सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी, जिसमें सरकार की प्रशासनिक नाकामियों, किसानों की बदहाली और राज्य के समग्र कामकाज पर चर्चा प्रस्तावित थी। केटीआर ने यहाँ तक ऐलान किया कि अगर वे तथ्यों और सबूतों के साथ कांग्रेस सरकार की विफलताओं को उजागर करने में असफल रहे, तो वे तुरंत इस्तीफा देकर राजनीति से हमेशा के लिए संन्यास ले लेंगे।
गुरुवार सुबह से ही तेलंगाना भवन, गन पार्क और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था, क्योंकि सैकड़ों कांग्रेस और बीआरएस कार्यकर्ता एकत्र हो गए थे और टकराव की आशंका बन गई थी।
किसे हिरासत में लिया गया
पुलिस ने पूर्व मंत्री हरीश राव, पूर्व मंत्री वी. श्रीनिवास गौड़, बीआरएस महासचिव आर.एस. प्रवीण कुमार और अन्य नेताओं को तब रोका, जब वे तेलंगाना भवन से गन पार्क की ओर निकलने की कोशिश कर रहे थे। बीआरएस नेताओं के अनुसार, वे सभी आवश्यक दस्तावेज़ और सबूत लेकर बहस में भाग लेने जा रहे थे।
सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया
आबकारी एवं पर्यटन मंत्री जुपल्ली कृष्णा राव ने गुरुवार सुबह मीडिया को बताया कि वे गन पार्क में बहस के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि बीआरएस सरकार ने अपने 10 साल के शासनकाल में राज्य पर ₹7.3 लाख करोड़ का कर्ज चढ़ाया। मंत्री पोन्नम प्रभाकर, अदलुरी लक्ष्मण कुमार और मोहम्मद अजहरुद्दीन भी गन पार्क पहुंचे और दावा किया कि बीआरएस नेता हार के डर से बहस में नहीं आए।
दूसरी ओर, हरीश राव ने कहा कि जब वे सबूतों के साथ बहस के लिए जा रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें रोका — और यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने तीन मंत्रियों को फोन किया, लेकिन किसी ने भी जवाब नहीं दिया।
विधानसभा सत्र की माँग
राज्य विधानसभा में बीआरएस के डिप्टी लीडर हरीश राव ने माँग की कि अगर राज्य सरकार वाकई ईमानदार है, तो उसे सभी मुद्दों पर खुली चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए। केटीआर ने भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी बहस से कतराए हैं — इससे पहले किसानों के मुद्दे पर प्रेस क्लब में भी मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे थे।
गौरतलब है कि तेलंगाना में सत्ता परिवर्तन के बाद से कांग्रेस और बीआरएस के बीच सार्वजनिक बहस और जवाबी आरोपों का यह सिलसिला लगातार जारी है। मंत्रियों ने बीआरएस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) को भी सभी मुद्दों पर बहस के लिए विधानसभा आने की चुनौती दी है। आने वाले दिनों में इस सियासी टकराव के और तीखे होने की संभावना है।