BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप: आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड नंबर-1 शी यू की को हराया, पहले राउंड में ऐतिहासिक उलटफेर
सारांश
मुख्य बातें
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के पहले दिन भारतीय शटलर आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन जगत को चौंकाते हुए वर्ल्ड नंबर-1 और मौजूदा विश्व चैंपियन शी यू की (चीन) को 21-14, 13-21, 21-19 के स्कोर से शिकस्त दी। यह चीनी शटलर के खिलाफ आयुष की चार मुकाबलों में पहली जीत है — इससे पहले वे तीनों बार हार चुके थे, जिसमें बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप का फाइनल भी शामिल था।
पहला गेम: आयुष का दबदबा
पहले गेम में आयुष शेट्टी ने आत्मविश्वास से भरी शुरुआत करते हुए 3-0 की बढ़त बनाई। मिड-गेम ब्रेक तक उन्होंने स्कोर 11-5 तक पहुँचा दिया। ब्रेक के बाद भी उनकी लय बरकरार रही और उन्होंने पहला गेम 21-14 से अपने नाम किया — टॉप सीड पर पूरी तरह हावी रहते हुए।
दूसरा गेम: शी की वापसी
दूसरे गेम में शी यू की ने आक्रामक खेल से 3-1 की शुरुआती बढ़त बनाई। दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर रही — स्कोर 4-4 और 7-7 से बराबर हुआ। शी ने ब्रेक तक 11-9 की बढ़त हासिल की और उसके बाद अपनी रफ्तार को पाँच अंकों तक ले गए। आयुष इस गेम में चीनी शटलर की लय का सामना नहीं कर सके और शी ने 21-13 से जीतकर मैच को निर्णायक तीसरे गेम तक खींचा।
तीसरा गेम: आयुष का जीवट और जीत
निर्णायक गेम में आयुष शेट्टी ने शानदार वापसी की। उन्होंने 6-3, फिर 9-4 और मिड-गेम इंटरवल तक 11-5 की मजबूत बढ़त बना ली। साइड बदलने के बाद उन्होंने बढ़त को 14-5 और फिर 16-5 तक पहुँचाया, जिससे शी की वापसी की संभावना लगभग खत्म हो गई। हालाँकि कुछ अनफोर्स्ड एरर की वजह से शी ने अंतर छह और फिर चार अंकों तक घटाया, लेकिन 20-15 पर आयुष ने अपना संयम बनाए रखा। शी ने चार मैच प्वाइंट बचाने की कोशिश की, पर आयुष ने दृढ़ता से अंतिम अंक लेकर मैच अपने नाम किया।
ऐतिहासिक संदर्भ
यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शी यू की न केवल वर्ल्ड नंबर-1 हैं, बल्कि मौजूदा विश्व चैंपियन भी हैं। आयुष शेट्टी के लिए यह उनके करियर की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है। गौरतलब है कि एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में उन्हें इसी खिलाड़ी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था — उस हार का हिसाब उन्होंने सबसे बड़े मंच पर चुकाया।
आगे की चुनौती
पहले राउंड की इस जीत के बाद आयुष शेट्टी का अगला मुकाबला अगले राउंड में होगा, जहाँ वे अपनी इस लय को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे। भारतीय बैडमिंटन प्रेमियों की निगाहें अब उन पर टिकी हैं कि क्या वे इस उलटफेर को एक लंबे अभियान में बदल सकते हैं।