वर्ल्ड चैंपियनशिप डेब्यू पर आयुष शेट्टी: 'अपना रास्ता खुद बनाऊंगा', पहले राउंड में वर्ल्ड नंबर 1 शी यू क्यूई से टक्कर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने पहले मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 21 वर्षीय इस खिलाड़ी का पहले ही राउंड में सामना चीन के वर्ल्ड नंबर 1 खिलाड़ी शी यू क्यूई से होगा — और वह इसे दबाव नहीं, बल्कि एक असाधारण अवसर के रूप में देख रहे हैं। यह टूर्नामेंट भारत में 17 साल के अंतराल के बाद आयोजित हो रहा है, जो शेट्टी के डेब्यू को और भी यादगार बनाता है।
मुख्य घटनाक्रम
शेट्टी इस साल की शुरुआत में निंगबो में आयोजित बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में उपविजेता रहे थे, जहाँ शी यू क्यूई ने उन्हें कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप के फाइनल में सीधे गेम में हराया था। अब वर्ल्ड चैंपियनशिप के पहले राउंड में यह रीमैच एक नए संदर्भ में होगी — इस बार शेट्टी के पास अधिक अनुभव है और घरेलू दर्शकों का जोशीला समर्थन भी।
गौरतलब है कि मौजूदा चैंपियन शी हाल के हफ्तों में अपनी शीर्ष फॉर्म से थोड़ा नीचे रहे हैं, जिससे भारतीय खिलाड़ी के लिए इस मुकाबले को पिछली बार से कहीं अधिक कड़ा और प्रतिस्पर्धी बनाने की संभावना बनती है।
शेट्टी का नज़रिया: खुद के बेंचमार्क
जब उनसे पूछा गया कि क्या भारतीय बैडमिंटन दिग्गजों की उपलब्धियाँ उनके लिए कोई मानक तय करती हैं, तो शेट्टी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अपनी शर्तों पर खेलना चाहते हैं।
शेट्टी ने कहा, 'मैं इसे बेंचमार्क के तौर पर नहीं देखता। मैं अपना रास्ता खुद बनाना चाहता हूं। अपना बेंचमार्क खुद तय करना चाहता हूं। मैं इस बात पर ध्यान नहीं दे रहा हूं कि दूसरों ने क्या किया है या खेल को क्या दिया है। वे खेल के दिग्गज हैं। मैं खुद पर अधिक ध्यान दे रहा हूं, बेहतर खेलते रहना चाहता हूं और मैच जीतना चाहता हूं।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'मैं अगली पीढ़ी के लिए बेंचमार्क सेट करने के बारे में सोचकर दबाव नहीं लेना चाहता। मैं खेल का मजा लेना चाहता हूं। चूंकि यह घरेलू टूर्नामेंट है, इसलिए दबाव तो है ही, लेकिन भारत में वर्ल्ड चैंपियनशिप में डेब्यू करना मेरे लिए एक शानदार मौका है। मैं इसे सच में एक खास टूर्नामेंट मानता हूं।'
तैयारी और रणनीति
शेट्टी अपने खेल के उन पहलुओं को धार दे रहे हैं जो शी जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ी के खिलाफ निर्णायक साबित हो सकते हैं। विशेष रूप से उनके डिफेंस और फिटनेस में हुआ सुधार पहले राउंड के शारीरिक रूप से थका देने वाले मुकाबले में अहम भूमिका निभा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बैडमिंटन की युवा पीढ़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने के लिए सक्रिय रूप से आगे आ रही है।
घरेलू माहौल और प्रशंसकों की उम्मीदें
भारत 17 साल में पहली बार इस प्रतिष्ठित इवेंट की मेजबानी कर रहा है। घरेलू दर्शकों के सामने खेलना शेट्टी के पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप अनुभव को एक विशेष आयाम देता है।
शेट्टी ने कहा, 'कुछ उम्मीदें तो हैं ही। मैं यह नहीं कहूंगा कि लोग यह नहीं सोच रहे कि मैं आगे तक जाऊंगा। हालांकि, मेरा पहला मैच वर्ल्ड नंबर 1 के खिलाफ एक बड़ी चुनौती होगी। इसी वजह से मुझे बहुत समर्थन की उम्मीद है। मुझे लगता है कि मुझसे उम्मीदें होंगी, और मैं सच में उत्साहित हूं। मैं इसका बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।'
आगे क्या
पहले राउंड में शी यू क्यूई के खिलाफ शेट्टी का प्रदर्शन न केवल उनके टूर्नामेंट में आगे बढ़ने की संभावना तय करेगा, बल्कि यह भी दिखाएगा कि एशिया चैंपियनशिप के बाद उनके खेल में कितना विकास हुआ है। घरेलू दर्शकों की आवाज़ और बढ़ा हुआ आत्मविश्वास — ये दोनों शेट्टी के पक्ष में हो सकते हैं।