BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: उन्नति हुड्डा, आयुष शेट्टी समेत 4 भारतीय करेंगे ऐतिहासिक डेब्यू
सारांश
मुख्य बातें
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में चार भारतीय शटलर — उन्नति हुड्डा, आयुष शेट्टी, सिमरन सिंघी और कविप्रिया सेल्वम — पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कोर्ट पर उतरेंगे। 2009 के बाद पहली बार भारत में आयोजित हो रही इस विश्व चैंपियनशिप में इन युवा खिलाड़ियों की उपस्थिति भारतीय बैडमिंटन के उज्जवल भविष्य की झलक देती है।
उन्नति हुड्डा — विमेंस सिंगल्स
हरियाणा की 17 वर्षीय शटलर उन्नति हुड्डा ने महज 14 साल की उम्र में 2022 में ओडिशा ओपन सुपर 100 जीतकर सुर्खियाँ बटोरी थीं और BWF वर्ल्ड टूर खिताब जीतने वाली सबसे युवा भारतीय बनी थीं। 2025 में उन्होंने चाइना ओपन सुपर 1000 में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन पीवी सिंधु को हराकर बड़ा उलटफेर किया। 2026 में पोलिश ओपन जीतकर उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय खिताबों की सूची में एक और नाम जोड़ा।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला बैडमिंटन को सिंधु के बाद एक नए चेहरे की तलाश थी। उन्नति उस भूमिका के लिए सबसे प्रबल दावेदार बनकर उभरी हैं।
आयुष शेट्टी — मेंस सिंगल्स
कर्नाटक के आयुष शेट्टी ने BWF वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप 2023 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी पहचान बनाई। 2025 में उन्होंने यूएस ओपन सुपर 300 में अपना पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब हासिल किया। इसी वर्ष बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में उन्होंने इतिहास रचा — 1965 में दिनेश खन्ना के बाद वे मेंस सिंगल्स के फाइनल में पहुँचने वाले पहले भारतीय बने और सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
गौरतलब है कि यह उपलब्धि छह दशकों के लंबे इंतजार के बाद आई, जो आयुष की असाधारण प्रतिभा और मानसिक दृढ़ता को रेखांकित करती है।
सिमरन सिंघी और कविप्रिया सेल्वम — विमेंस डबल्स
मुंबई की सिमरन सिंघी ने गोरेगांव स्पोर्ट्स क्लब में कोच उदय पवार के मार्गदर्शन में बैडमिंटन की शुरुआत की — यही वह अकादमी है जहाँ से वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट चिराग शेट्टी ने अपना करियर बनाया। जूनियर सर्किट में उल्लेखनीय प्रदर्शन के बाद सिमरन ने सीनियर अंतरराष्ट्रीय सेटअप में जगह बनाई।
पुडुचेरी की कविप्रिया सेल्वम तमिलनाडु के प्रतिस्पर्धी घरेलू सर्किट से डबल्स विशेषज्ञ के रूप में उभरीं। इस जोड़ी ने मिलकर BWF वर्ल्ड रैंकिंग में 38वाँ स्थान हासिल किया है, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ स्थान है। दोनों ने BWF सुपर 300 और सुपर 500 टूर्नामेंट में नियमित रूप से भाग लिया है।
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 इस जोड़ी की साझेदारी का अब तक का सबसे बड़ा पड़ाव होगा।
भारतीय बैडमिंटन के लिए क्या मायने रखता है यह डेब्यू
घरेलू धरती पर आयोजित इस चैंपियनशिप में इन चारों का पदार्पण भारतीय बैडमिंटन की गहरी होती प्रतिभा-श्रृंखला को दर्शाता है। 2009 के बाद पहली बार भारत इस टूर्नामेंट की मेज़बानी कर रहा है, और दर्शकों का समर्थन इन युवा खिलाड़ियों के लिए एक अतिरिक्त प्रेरणा बन सकता है।
आने वाले वर्षों में भारतीय बैडमिंटन की दिशा काफी हद तक इन्हीं युवा कंधों पर टिकी होगी।