BWF विश्व चैंपियनशिप 2026: उन्नति हुड्डा ने 22-20, 21-16 से जीता डेब्यू मैच, कोच की नसीहत काम आई
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शटलर उन्नति हुड्डा ने BWF विश्व चैंपियनशिप 2026 में अपना पहला मुकाबला यादगार अंदाज में जीता। मंगलवार, 18 अगस्त को उन्होंने म्यांमार की थेत हतार थुजार को 22-20, 21-16 के स्कोर से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। यह जीत उतनी सहज नहीं रही जितनी स्कोरकार्ड दिखाता है — दूसरे गेम में बड़ी बढ़त के बावजूद उन्नति ने थोड़ी ढील दी, और कोच की सख्त नसीहत ने उन्हें वापस पटरी पर लाया।
मैच का घटनाक्रम
पहले गेम में उन्नति को कोर्ट की परिस्थितियों को समझने में समय लगा। कोर्ट के दोनों सिरों पर हवा का बहाव (ड्रिफ्ट) अलग-अलग था, जिससे उनका अटैक पहले गेम में उतना प्रभावी नहीं रहा। 22-20 से पहला गेम जीतने के बाद उन्होंने दूसरे गेम में रणनीति बदली और टॉस शॉट्स का अधिक उपयोग किया।
दूसरे गेम में एंड बदलने के बाद उन्नति ने 11-1 की बड़ी बढ़त बना ली। इस दौरान उन्होंने नए स्ट्रोक्स आज़माने शुरू किए, जिससे थेत को वापसी का मौका मिला और स्कोर 16-20 तक सिमट गया। ठीक इसी वक्त कोच ने हस्तक्षेप किया।
कोच की नसीहत और उन्नति का जवाब
मैच के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्नति ने बताया, "ऐसा कुछ खास नहीं, लेकिन इतनी बढ़त होने के कारण मैं बीच-बीच में अपने कुछ स्ट्रोक्स आज़मा रही थी, क्योंकि मेरे पास काफी बढ़त थी, इसलिए उन्होंने भी कहा कि तुम अपने कुछ स्ट्रोक्स आज़मा सकती हो, लेकिन फिर मैंने कुछ बेवकूफी भरी गलतियाँ भी कीं, तो उन्होंने सख्ती से कहा कि नहीं, नहीं, बस फोकस करो और खेलो।"
कोच की इस कड़ी सलाह के बाद उन्नति ने खुद को संभाला और मैच अपने नाम किया। यह क्षण इस बात का उदाहरण है कि बड़े टूर्नामेंट में मानसिक अनुशासन तकनीकी कौशल जितना ही अहम होता है।
ड्रिफ्ट पर उन्नति की रणनीति
18 वर्षीय शटलर ने कहा, "शुरुआत में मुझे कोर्ट की स्थितियों और बाकी चीजों को समझने में थोड़ा समय लगा। कोर्ट के दोनों तरफ की स्थितियाँ बहुत अलग थीं, इसलिए पहले गेम में मेरा अटैक उतना अच्छा नहीं हो रहा था। मैंने अपनी रणनीति बदली और कुछ टॉस वगैरह का इस्तेमाल किया। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा मैच था और मैं खुश हूँ कि मैं ड्रिफ्ट को काफी अच्छे से कंट्रोल कर पाई।"
अगला मुकाबला: मिशेल ली से टक्कर
उन्नति का अगला मुकाबला कनाडा की मिशेल ली से है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज की जीत से मिली कोर्ट की समझ उपयोगी ज़रूर है, लेकिन वे इसे हल्के में नहीं लेंगी। उन्होंने कहा, "हर मैच अलग होता है। ड्रिफ्ट कभी भी बदल सकती है। फिर भी, इससे मुझे काफी आत्मविश्वास मिला है।" BWF विश्व चैंपियनशिप 2026 में उन्नति का यह सफर भारतीय बैडमिंटन के लिए एक उभरते सितारे की दस्तक है।