कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर वित्तीय दिवालियेपन का आरोप, भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र बोले — CM गुमराह कर रहे हैं
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक बीवाई विजयेंद्र ने 24 सितंबर 2026 को बेंगलुरु के विधान सौधा में पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार गंभीर वित्तीय संकट में फँसी है और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार जनता को गुमराह कर रहे हैं। उनके अनुसार, वित्त विभाग का हालिया पत्र सरकार की बिगड़ती आर्थिक हालत का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
वित्त विभाग के पत्र पर विवाद
विजयेंद्र ने कहा कि वित्त विभाग का वह पत्र कोई सामान्य प्रशासनिक सूचना नहीं था, बल्कि सरकार की खस्ताहाल वित्तीय स्थिति का आईना है। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक ने अपने इतिहास में इतनी कठिन आर्थिक स्थिति पहले कभी नहीं देखी। उनके अनुसार, सरकार वेतन वितरण, पेंशन भुगतान और अन्य वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में संघर्ष कर रही है।
गारंटी योजनाओं पर आरोप
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की प्रमुख गारंटी योजनाओं ने राज्य के खजाने पर भारी बोझ डाला है, जिससे विकास कार्यों, किसानों और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए उपलब्ध फंड प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) का उदाहरण देते हुए कहा कि निगम ने 'शक्ति' योजना के तहत बकाया फंड जारी करने की अपील की है, जो राज्य के वित्तीय तनाव का सबूत है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में मंदिर की हुंडी के फंड के उपयोग पर हुई चर्चाओं का भी जिक्र किया और इसे कांग्रेस शासित राज्यों में गारंटी योजनाओं से उत्पन्न वित्तीय दबाव का संकेत बताया।
किसानों और विकास परियोजनाओं पर सवाल
विजयेंद्र ने कनकपुरा में प्रस्तावित एयरपोर्ट और टनल रोड जैसी परियोजनाओं की आलोचना करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "कनकपुरा के विकास के लिए पैसे की जरूरत है, लेकिन कर्नाटक के किसानों की जिंदगी के लिए भी पैसे की जरूरत है।" उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि फसल नुकसान का मुआवजा, सूखे से राहत, कर्जग्रस्त किसानों की सहायता और पशुधन सुरक्षा पर ध्यान देने के लिए केंद्र से मदद का इंतजार न किया जाए।
विशेष सत्र और येदियुरप्पा काल का संदर्भ
भाजपा नेता ने सूखे, किसान आत्महत्या, आर्थिक तंगी और बकाया भुगतान के मुद्दों पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के सरकार के फैसले की भी आलोचना की और कहा कि तत्काल कार्रवाई की जरूरत है, न कि सत्र बुलाने की। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के कार्यकाल का हवाला दिया और कहा कि उस दौर में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान केंद्र की प्रतीक्षा किए बिना राहत उपाय तत्काल लागू किए जाते थे।
अपर भद्रा परियोजना और आगे की राह
विजयेंद्र ने अपर भद्रा परियोजना में पिछली भाजपा सरकार के योगदान को रेखांकित किया और कहा कि किसानों तक पानी पहुँचाने के लिए रुके हुए कार्यों को तेज़ी से पूरा किया जाना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सूखे और किसान संकट को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस पर विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि राज्य में अगले विधानसभा चुनाव से पहले यह आरोप प्रत्यारोप राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकते हैं।