विजयेंद्र का कर्नाटक सरकार पर हमला: CM शिवकुमार की मंत्रियों को चेतावनी से विश्वसनीयता पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने 9 अक्टूबर 2026 को विजयपुरा में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। विजयेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार द्वारा अपने कैबिनेट सहयोगियों को यह चेतावनी देने की खबरें कि भाजपा नेता उन्हें फंसाने की कोशिश कर सकते हैं, राज्य सरकार की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उनके अनुसार, यह बयान सरकार की आंतरिक घबराहट को उजागर करता है।
भ्रष्टाचार और डराने-धमकाने के आरोप
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगातार बढ़ रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए एफआईआर और अन्य दबाव तंत्रों के ज़रिए भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने जोर देकर कहा, 'अगर सरकार सच में भ्रष्टाचार को लेकर चिंतित है, तो उसे निष्पक्ष जांच होने देनी चाहिए। विपक्ष पर आरोप लगाकर या पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज करके भ्रष्टाचार के आरोपों को खत्म नहीं किया जा सकता।'
किसानों की दुर्दशा और सरकार की नाकामी
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों, गरीबों, युवाओं और महिलाओं की घोर अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि सूखे से त्रस्त किसान फसल नुकसान, बढ़ते कर्ज और पानी की कमी से जूझ रहे हैं, जबकि कथित तौर पर किसानों की आत्महत्या की खबरें भी आ रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रभावित किसान परिवारों के लिए सरकार द्वारा घोषित ₹2,500 का मुआवजा भी सही तरीके से वितरित नहीं किया गया।
भाजपा ने लिंगसुगुर से बल्लारी तक 'बल्लारी चलो' पदयात्रा आयोजित की थी, जिसमें प्रति हेक्टेयर ₹50,000 की राहत, ₹5 लाख तक के कृषि ऋण माफी और खेती के लिए प्रतिदिन 8 घंटे थ्री-फेज बिजली आपूर्ति की माँग उठाई गई थी। विजयेंद्र ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कर्नाटक में भी किसानों का ऋण माफ करने की मांग दोहराई।
दूध उत्पादकों के लिए इंसेंटिव की माँग
विजयेंद्र ने पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के कार्यकाल में घोषित दूध उत्पादकों के लिए रुके हुए इंसेंटिव तुरंत जारी करने की माँग की। साथ ही, सूखे की स्थिति में सुधार होने तक कम से कम पाँच महीने के लिए प्रति लीटर ₹5 का अतिरिक्त इंसेंटिव देने की अपील की। मुख्यमंत्री शिवकुमार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के प्रति चिंता जताना ही काफी नहीं, सरकार को टाउनशिप विकास जितनी दिलचस्पी कृषि समस्याओं के समाधान में भी दिखानी होगी।
सेवा संकल्प अभियान और मोदी के 25 वर्ष
विजयेंद्र ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा पूरे देश और कर्नाटक में 'सेवा संकल्प अभियान' चला रही है। इस अभियान के तहत विजयपुरा में सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि मोदी 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने और 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से निरंतर जनसेवा में लगे हुए हैं।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में विपक्ष और सत्तारूढ़ कांग्रेस के बीच टकराव तेज हो रहा है। भाजपा के इन आरोपों पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल नहीं आई। राज्य में किसान संकट और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे आने वाले दिनों में विधानसभा के भीतर और बाहर सियासी घमासान का केंद्र बने रहने की संभावना है।