कर्नाटक CM शिवकुमार ने मंत्री नागेंद्र का किया बचाव, BJP पर 'संवैधानिक संकट' खड़ा करने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार, 10 अगस्त को मंत्री बी. नागेंद्र का खुलकर बचाव किया, जिन पर आदिवासी कल्याण घोटाले से जुड़े आरोपों के चलते 'दाग' लगने की बात कही जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कर्नाटक विधान परिषद के चेयरमैन पद के विवाद को लेकर संवैधानिक संकट पैदा करने का गंभीर आरोप लगाया।
नागेंद्र का बचाव: 'कानूनी तरीके से सामना करेंगे'
मंत्री बी. नागेंद्र पर लगे आरोपों के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री शिवकुमार ने पलटवार करते हुए कहा, "इस देश में किस पर केस नहीं हैं? क्या केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और खुद डीके शिवकुमार ने जमानत नहीं ली थी? जो भी मंत्री बना, क्या उसे जमानत नहीं मिली?" यह बयान उन्होंने उस सवाल के जवाब में दिया जिसमें पूछा गया था कि नागेंद्र ने कैबिनेट मंत्री बनने के बाद कर्नाटक से बाहर यात्रा करके हाईकोर्ट की जमानत शर्त का कथित तौर पर उल्लंघन किया है।
इस आरोप पर शिवकुमार ने कहा, "मुझे कुछ नहीं पता। मेरे संज्ञान में कोई बात नहीं आई है। हमने आरोपों की बारीकी से जांच की है। उनके खिलाफ ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है कि उन्हें हमेशा जेल में ही रहना होगा। कानून है और हम कानूनी तरीके से इसका सामना करेंगे।"
विधान परिषद चेयरमैन विवाद और BJP पर निशाना
कर्नाटक विधान परिषद के चेयरमैन बसवराज होरट्टी के इस्तीफे को लेकर उठे विवाद पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि होरट्टी ने अपनी मर्जी से इस्तीफा देने पर सहमति जताई थी। उन्होंने कहा, "इससे पहले, काउंसिल के चेयरमैन बसवराज होरट्टी हमारे पास आए थे और इस्तीफा देने पर सहमत हुए थे। इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया था और उन्होंने मीडिया के सामने भी इस बात पर सहमति जताई थी। हालांकि, बाद में उन्होंने राज्यपाल के पास शिकायत दर्ज कराई।"
शिवकुमार ने आरोप लगाया कि BJP ने इस पूरे मामले में राज्यपाल कार्यालय का दुरुपयोग करने की कोशिश की। उनके शब्दों में, "विपक्षी पार्टी ने भी इस बारे में बयान दिया है। BJP संवैधानिक संकट पैदा कर रही है। वे राज्यपाल के ऑफिस का गलत इस्तेमाल करने की तैयारी में हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने और अन्य नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
इस्तीफे की प्रक्रियागत वैधता पर शिवकुमार ने कहा कि डिप्टी स्पीकर की गैर-मौजूदगी में इस्तीफा उनके दफ्तर में सौंपा गया और काउंसिल के सेक्रेटरी ने इसे स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा, "व्यक्ति महत्वपूर्ण नहीं है, पद महत्वपूर्ण है। इसे स्वीकार कर लिया गया है और इसकी सूचना भी प्रकाशित हो चुकी है।"
कांग्रेस का उम्मीदवार और होरट्टी के प्रति सहानुभूति
शिवकुमार ने बताया कि कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता और एमएलसी सलीम अहमद को विधान परिषद के चेयरमैन पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। साथ ही उन्होंने होरट्टी के प्रति सहानुभूति जताते हुए BJP नेताओं पर इस अनुभवी विधायक पर दबाव डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "मुझे उनके लिए बुरा लग रहा है। BJP नेता एक बड़े नेता को परेशान कर रहे हैं। मैंने इस बारे में राज्यपाल को बता दिया है।"
कैबिनेट विस्तार और रिक्त पद
कैबिनेट में एक पद अभी भी रिक्त होने के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, "केवल एक पद खाली है और बाकी सभी पद भरे जा चुके हैं। हमें वह पद किसी महिला विधायक को देना है और हम देंगे। ऐसी कोई जल्दबाजी नहीं है।" मंत्रियों को पोर्टफोलियो आवंटन में हुई देरी पर BJP की आलोचना का जवाब देते हुए उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा का उदाहरण दिया और पूछा कि वे बिना कैबिनेट के कितने दिनों तक सरकार चलाते रहे थे।
दिल्ली दौरे पर कांग्रेस नेताओं से मुलाकात
नई दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व से हुई मुलाकातों पर शिवकुमार ने कहा, "जब भी मैं यहां दिल्ली आता हूं, तो रणदीप सिंह सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल से मिलता हूं।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पर विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ रहा है और विधान परिषद विवाद ने राजनीतिक तापमान और चढ़ा दिया है।