30 जुलाई 2026
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कर्नाटक कैबिनेट विस्तार में देरी पर BJP का वार: विजयेंद्र बोले, राहुल गांधी जनता को इडियट न समझें

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कर्नाटक कैबिनेट विस्तार में देरी पर BJP का वार: विजयेंद्र बोले, राहुल गांधी जनता को इडियट न समझें

सारांश

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कैबिनेट विस्तार में दो महीने की देरी को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस आलाकमान पर सीधा हमला बोला। उनका सवाल है कि जब विधान सौधा में कुर्सियाँ खाली हैं, तो राज्य के शीर्ष नेता दिल्ली के दरवाजे पर क्यों खड़े हैं?

मुख्य बातें

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने 30 जुलाई को कैबिनेट विस्तार में देरी पर राहुल गांधी को निशाने पर लिया।
आरोप: CM डीके शिवकुमार , पूर्व CM सिद्दारमैया और KPCC अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद पिछले दो महीनों से मंत्री पद की सूची लेकर बार-बार दिल्ली जा रहे हैं।
कर्नाटक कैबिनेट में कई पद रिक्त हैं, जिससे राज्य के प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ रहा है।
विजयेंद्र ने कहा — जनता ने नेताओं को शासन के लिए चुना था, कांग्रेस आलाकमान के दरवाजे पर इंतजार के लिए नहीं।
भाजपा ने इस स्थिति को कर्नाटक के मतदाताओं का अपमान करार दिया।

कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने 30 जुलाई को कर्नाटक कैबिनेट विस्तार में हो रही देरी को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। विजयेंद्र ने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी कर्नाटक की जनता को 'इडियट' समझते हैं, जो इस राजनीतिक खींचतान को नहीं समझ सकती।

मुख्य आरोप: दिल्ली के दरवाजे पर खड़े हैं कर्नाटक के नेता

विजयेंद्र ने अपने बयान में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद पिछले दो महीनों से मंत्री पद के दावेदारों की सूची लेकर बार-बार नई दिल्ली का दौरा कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कांग्रेस आलाकमान हर बार इन नेताओं को बाद में लौटने के लिए कह देता है।

भाजपा नेता ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'कर्नाटक की जनता ने इन नेताओं को राज्य का प्रशासन चलाने के लिए चुना था, न कि राहुल गांधी के आवास के बाहर खड़े रहने के लिए।' उन्होंने इस स्थिति को राज्य के मतदाताओं का अपमान करार दिया।

कैबिनेट के खाली पद और शासन पर असर

विजयेंद्र ने बताया कि राज्य कैबिनेट में कई पद अभी भी रिक्त हैं, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि विधान सौधा में मंत्रियों के कार्यालय उनका इंतजार कर रहे हैं, जबकि दावेदार दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान की मंजूरी की राह देख रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की देरी राज्य की प्रशासनिक दक्षता पर सीधा असर डालती है।

राज्य की स्वायत्तता पर उठे सवाल

भाजपा नेता ने तर्क दिया कि कर्नाटक कांग्रेस नेताओं के राष्ट्रीय राजधानी के बार-बार दौरे ने राज्य नेतृत्व की स्वायत्तता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस सरकार पूरी तरह पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिए गए फैसलों पर निर्भर हो गई है।

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार को कई मोर्चों पर विपक्षी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि कैबिनेट विस्तार में देरी का मुद्दा राज्य की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है।

विजयेंद्र का सीधा संदेश

बीवाई विजयेंद्र ने अपना बयान इन शब्दों में समाप्त किया: 'कर्नाटक की जनता ने सरकार के लिए वोट दिया था, न कि कांग्रेस आलाकमान के आवास के बाहर वेटिंग रूम के लिए।' यह बयान आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है, क्योंकि कैबिनेट विस्तार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी का।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक कैबिनेट विस्तार में देरी क्यों हो रही है?
भाजपा के आरोपों के अनुसार, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सहित राज्य के शीर्ष कांग्रेस नेता पिछले दो महीनों से मंत्री पद के दावेदारों की सूची लेकर दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से मंजूरी माँग रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें बाद में आने के लिए कहा जा रहा है। कांग्रेस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण अभी तक नहीं आया है।
बीवाई विजयेंद्र ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस आलाकमान कर्नाटक के कैबिनेट विस्तार को अनावश्यक रूप से लटका रहे हैं, जो राज्य की जनता और उनके चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान है। उन्होंने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी जनता को 'इडियट' समझते हैं।
कर्नाटक कैबिनेट में कितने पद खाली हैं?
भाजपा नेता विजयेंद्र के अनुसार कर्नाटक कैबिनेट में कई पद रिक्त पड़े हैं, जिससे राज्य का प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। हालाँकि सटीक संख्या का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है।
इस विवाद का कर्नाटक की राजनीति पर क्या असर होगा?
यह विवाद कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की 'दिल्ली-निर्भरता' की छवि को मजबूत करने में भाजपा के लिए एक राजनीतिक हथियार बन सकता है। कैबिनेट विस्तार जितना लंबा खिंचेगा, विपक्ष को उतना ही अधिक मौका मिलेगा शासन की खामियाँ उजागर करने का।
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री कौन हैं?
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार हैं। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद भी राज्य कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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