27 अगस्त 2026
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कर्नाटक कैबिनेट: खाली सीट के लिए कांग्रेस में लॉबिंग तेज, सीएम शिवकुमार करेंगे राहुल गांधी से मुलाकात

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कर्नाटक कैबिनेट: खाली सीट के लिए कांग्रेस में लॉबिंग तेज, सीएम शिवकुमार करेंगे राहुल गांधी से मुलाकात

सारांश

कर्नाटक कैबिनेट की एक खाली सीट ने कांग्रेस के भीतर जाति, क्षेत्र और लिंग के आधार पर प्रतिनिधित्व की लड़ाई छेड़ दी है। सीएम शिवकुमार दिल्ली में राहुल गांधी से मिलने पहुँचे हैं — फैसला यहीं होगा कि अगला मंत्री कौन बनेगा और नागेंद्र का भविष्य क्या होगा।

मुख्य बातें

कर्नाटक कैबिनेट में एक सीट खाली है, जिसे लेकर कांग्रेस के भीतर जाति, क्षेत्र और लिंग के आधार पर जबरदस्त लॉबिंग जारी है।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार 27 अगस्त को नई दिल्ली पहुँचे और राहुल गांधी से मिलने का समय माँगा।
बैठक में केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला के भी शामिल होने की उम्मीद है।
पूर्व सीएम सिद्दारमैया विधायक बसवराज शिवन्नवर का समर्थन कर रहे हैं; एम.
कृष्णप्पा , अन्नपूर्णा तुकाराम और काम्पली गणेश के नाम भी चर्चा में।
सांख्यिकी मंत्री बी.
नागेंद्र पर आदिवासी कल्याण में कथित अनियमितताओं के आरोप; वे पार्टी निर्देश पर इस्तीफे को तैयार बताए जा रहे हैं।
एमएलसी गायत्री शांतेगौड़ा को सूची में नाम के बावजूद शपथ से बाहर रखे जाने से कैबिनेट गठन पर अनिश्चितता बनी है।

कर्नाटक की सत्ताधारी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) में कैबिनेट की एक खाली सीट को लेकर 27 अगस्त को जबरदस्त आंतरिक लॉबिंग देखी गई। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार गुरुवार को नई दिल्ली पहुँचे और उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से दोपहर में मिलने का समय माँगा, जहाँ कैबिनेट विस्तार और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के कथित इस्तीफे के मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है।

मुख्य घटनाक्रम

शिवकुमार और राहुल गांधी के बीच होने वाली संभावित बैठक में एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला के भी शामिल होने की उम्मीद है। चर्चा का केंद्र कैबिनेट की रिक्त सीट के साथ-साथ नागेंद्र का वह मामला भी है, जिसमें योजना एवं आदिवासी कल्याण में कथित अनियमितताओं के आरोप हैं।

सूत्रों के अनुसार, नागेंद्र अपने साथ आदिवासी कल्याण मामले से जुड़ी फाइलें और दस्तावेज लेकर आए हैं। माना जा रहा है कि वे भाजपा विधायक गली जनार्दन रेड्डी और पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु से जुड़े मामलों की जानकारी भी साथ लाए हैं।

दावेदारों में कौन-कौन शामिल

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया जिन प्रमुख नामों का समर्थन कर रहे हैं, उनमें वरिष्ठ विधायक बसवराज शिवन्नवर का नाम सबसे आगे है। माना जाता है कि सिद्दारमैया ने पार्टी आलाकमान के सामने शिवन्नवर को कैबिनेट में शामिल करने की अपनी पसंद स्पष्ट कर दी है।

बेंगलुरु से चार बार विधायक रहे एम. कृष्णप्पा का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा, सरकार पर किसी महिला नेता को प्रतिनिधित्व देने का दबाव भी है — इस संदर्भ में विधायक अन्नपूर्णा तुकाराम और विधायक काम्पली गणेश के नामों पर विचार किया जा रहा है।

नागेंद्र विवाद और एसटी प्रतिनिधित्व का सवाल

अगर नागेंद्र इस्तीफा देते हैं, तो अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय के प्रतिनिधित्व का मुद्दा और भी संवेदनशील हो जाएगा। भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) लगातार नागेंद्र के इस्तीफे की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। नागेंद्र का कहना है कि उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है, और कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक वे पार्टी हाईकमान के निर्देश पर पद छोड़ने को तैयार हैं।

गायत्री शांतेगौड़ा प्रकरण और अनिश्चितता

कांग्रेस ने पहले वरिष्ठ नेता और एमएलसी गायत्री शांतेगौड़ा के नाम की मंत्रियों की सूची में घोषणा की थी, लेकिन बाद में उन्हें शपथ ग्रहण समारोह के लिए नहीं बुलाया गया। इस घटनाक्रम ने कैबिनेट के अंतिम स्वरूप को लेकर अनिश्चितता और गहरी कर दी है।

सूत्रों का कहना है कि सिद्दारमैया इस बात से नाखुश हैं कि वोक्कालिगा और लिंगायत नेताओं को आवश्यकता से अधिक और अल्पसंख्यकों को अपर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है। यह असंतोष कैबिनेट विस्तार को और जटिल बना रहा है।

आगे क्या होगा

शिवकुमार को कैबिनेट के गठन को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है, लेकिन जाति, क्षेत्र और लिंग के आधार पर संतुलन बनाने की चुनौती बरकरार है। इस बीच, कुछ मंत्रियों के इस्तीफे की संभावना पर भी चर्चा है, जिससे कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद जगी है। दिल्ली में होने वाली बैठक का नतीजा तय करेगा कि कर्नाटक कैबिनेट का अगला अध्याय किस दिशा में जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्षेत्र और लिंग के दावे एक-दूसरे को काट रहे हैं। गायत्री शांतेगौड़ा प्रकरण — जहाँ नाम घोषित होने के बाद भी शपथ नहीं मिली — पार्टी की आंतरिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। नागेंद्र मामले में दस्तावेज़ों का दिल्ली लाया जाना संकेत देता है कि यह विवाद सिर्फ इस्तीफे तक सीमित नहीं रहेगा। असली परीक्षा यह है कि क्या आलाकमान एक टिकाऊ फॉर्मूला दे सकता है, या यह लॉबिंग अगले विस्तार तक खिंचती रहेगी।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक कैबिनेट में खाली सीट को लेकर विवाद क्यों है?
कर्नाटक कैबिनेट में एक सीट रिक्त है और कांग्रेस के भीतर जाति, क्षेत्र, समुदाय और लिंग के आधार पर प्रतिनिधित्व की माँग को लेकर कई नेता दावेदारी कर रहे हैं। यह स्थिति पार्टी के भीतर संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करती है।
सीएम शिवकुमार दिल्ली में राहुल गांधी से क्यों मिल रहे हैं?
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार 27 अगस्त को नई दिल्ली में राहुल गांधी से कैबिनेट विस्तार और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के संभावित इस्तीफे पर चर्चा करने पहुँचे हैं। बैठक में एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला के भी शामिल होने की उम्मीद है।
मंत्री बी. नागेंद्र पर क्या आरोप हैं और उनका क्या होगा?
सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र पर योजना एवं आदिवासी कल्याण में कथित अनियमितताओं के आरोप हैं। नागेंद्र का कहना है कि उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस सूत्रों के अनुसार वे पार्टी हाईकमान के निर्देश पर इस्तीफा देने को तैयार हैं।
कैबिनेट की खाली सीट के लिए कौन-से नाम सामने आए हैं?
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया विधायक बसवराज शिवन्नवर का समर्थन कर रहे हैं। बेंगलुरु से चार बार विधायक एम. कृष्णप्पा, विधायक अन्नपूर्णा तुकाराम और विधायक काम्पली गणेश के नाम भी चर्चा में हैं। महिला प्रतिनिधित्व का दबाव भी कैबिनेट चयन को प्रभावित कर रहा है।
गायत्री शांतेगौड़ा को कैबिनेट से बाहर क्यों रखा गया?
कांग्रेस ने पहले वरिष्ठ नेता और एमएलसी गायत्री शांतेगौड़ा के नाम की मंत्रियों की सूची में घोषणा की थी, लेकिन बाद में उन्हें शपथ ग्रहण समारोह के लिए नहीं बुलाया गया। इस घटनाक्रम का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया और इससे कैबिनेट गठन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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