कर्नाटक कैबिनेट विस्तार: CM डी.के. शिवकुमार दिल्ली रवाना, 20 जुलाई से पहले फैसले के संकेत
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार बुधवार, 15 जुलाई को नई दिल्ली दौरे पर रवाना हो गए, जिसके बाद राज्य में बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें और तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, शिवकुमार बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दोपहर 2 बजे रवाना हुए और शाम 4:45 बजे नई दिल्ली पहुँचे। उनकी वापसी की तारीख अभी तय नहीं की गई है।
दौरे का उद्देश्य और कार्यक्रम
सीएमओ के मुताबिक, दिल्ली प्रवास के दौरान शिवकुमार कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे और कर्नाटक भवन में ठहरेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
सिद्धारमैया की भूमिका और नामों की सूची
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के 18 जुलाई को दिल्ली रवाना होने की भी संभावना है। सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैया पहले ही संभावित मंत्रियों के नामों की सूची कांग्रेस नेतृत्व को सौंप चुके हैं। यह दौरा कांग्रेस आलाकमान द्वारा मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम रूप देने की कवायद का हिस्सा माना जा रहा है।
मंत्रिमंडल में खाली पड़े 20 पद
वर्तमान में कर्नाटक मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित केवल 14 सदस्य हैं, जबकि 20 मंत्री पद रिक्त हैं। डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद से यह विस्तार पिछले 40 दिनों से लंबित है। 45 से अधिक वरिष्ठ कांग्रेस नेता मंत्री पद की दौड़ में हैं, और बेंगलुरु तथा नई दिल्ली में पिछले कई दिनों से जोरदार लॉबिंग जारी है। यदि कांग्रेस आलाकमान की मंजूरी मिलती है, तो कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद को भी मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है।
चुनावी दबाव और विधानसभा सत्र की समयसीमा
आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए यह मंत्रिमंडल विस्तार कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को उचित प्रतिनिधित्व देकर चुनाव से पहले अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है। इसके अलावा, अगस्त के पहले सप्ताह में कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने की संभावना है, जिससे नेतृत्व पर विधानसभा सत्र से पहले विस्तार पूरा करने का दबाव और बढ़ गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 20 जुलाई से पहले मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है।