वाशिंगटन सुंदर का एजबेस्टन में अर्धशतक, भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे में 6 विकेट से हराया
सारांश
मुख्य बातें
वाशिंगटन सुंदर ने 15 जुलाई 2025 को एजबेस्टन, बर्मिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में गेंद और बल्ले दोनों से निर्णायक भूमिका निभाते हुए भारत को 6 विकेट से जीत दिलाई। सुंदर ने 4 ओवर में महज 13 रन देकर इंग्लैंड की पारी पर अंकुश लगाया और फिर बल्लेबाजी में 63 गेंदों पर 52 रन की नाबाद पारी खेली। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है।
मैच का मुख्य घटनाक्रम
इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 258 रन बनाए। भारतीय गेंदबाजों ने मिलकर मेजबान टीम को इस स्कोर पर रोका — शिवम दुबे ने 6 ओवर में 27 रन देकर 1 विकेट, अक्षर पटेल ने 9.5 ओवर में 62 रन देकर 4 विकेट और वाशिंगटन सुंदर ने 4 ओवर में 13 रन देकर इंग्लैंड की रन-गति पर लगाम कसी। गेंदबाजों के इस सामूहिक प्रयास ने भारत को लक्ष्य का पीछा करने से पहले ही मनोवैज्ञानिक बढ़त दे दी।
सुंदर-अक्षर की साझेदारी ने पलटा मैच
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को कुछ दबाव के क्षणों का सामना करना पड़ा, लेकिन शुभमन गिल की महत्वपूर्ण पारी ने टीम को आधार दिया। इसके बाद सुंदर और अक्षर पटेल ने 102 रनों की नाबाद साझेदारी कर मैच का फैसला कर दिया। अक्षर पटेल ने 52 गेंदों पर 57 रन की आतिशी पारी खेली और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। भारत ने 45.2 ओवर में 4 विकेट पर 262 रन बनाकर मैच जीता।
वाशिंगटन सुंदर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बातें
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुंदर ने ऑलराउंडर की भूमिका पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए एक ऑलराउंडर होना बहुत बड़ी बात है। कोई भी टीम चाहेगी कि उसके पास ज्यादा से ज्यादा ऑल-राउंडर हों। इसका फायदा यह है कि आप कंडीशन के हिसाब से खेल सकते हैं। आपको कभी नहीं लगेगा कि आपके पास विकल्प कम हैं, खासकर किसी भी कंडीशन में।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत दुनिया भर में बहुत क्रिकेट खेलता है, इसलिए अलग-अलग तरह के खिलाड़ी होना हमेशा फायदेमंद रहता है।
सुंदर ने साथियों की तारीफ करते हुए कहा, 'शिवम ने बहुत अच्छी गेंदबाजी की। अक्षर ने जरूरी विकेट लिए और पक्का किया कि इंग्लैंड 280 या 290 तक न पहुंचे। अक्षर की बल्लेबाजी जादुई थी। दूसरे छोर से उन्हें देखना मेरे लिए बहुत अच्छा था।'
विकेट की चुनौती और टीम का जवाब
सुंदर ने स्वीकार किया कि एजबेस्टन की पिच आसान नहीं थी। उनके अनुसार, 'विकेट निश्चित रूप से थोड़ी मुश्किल थी। शुभमन ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। वह पार्टनरशिप भी बहुत जरूरी थी। अक्षर ने हर बार जरूरत पड़ने पर जरूरी बाउंड्री लगाईं और चीजों को असल में बहुत आसान बना दिया। यह उतना आसान नहीं था जितना उन्होंने असल में दिखाया था।' यह टिप्पणी दर्शाती है कि भारतीय टीम के ऑलराउंडरों ने दबाव में परिपक्वता दिखाई।
आगे क्या
तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त के साथ भारत अब दूसरे वनडे के लिए मजबूत स्थिति में है। सुंदर और अक्षर पटेल की जोड़ी का यह प्रदर्शन टीम प्रबंधन को मध्यक्रम और गेंदबाजी दोनों में लचीलापन देता है — जो आगामी मुकाबलों में भी भारत की रणनीति का केंद्र बन सकता है।