वॉशिंगटन सुंदर की 63 गेंदों में 52 रन की पारी, गंभीर और नेहरा को दिया बल्लेबाजी सुधार का श्रेय
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने 15 जुलाई को बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में 63 गेंदों में 52 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसने भारत को छह विकेट की जीत और सीरीज में 1-0 की बढ़त दिलाई। मैच के बाद सुंदर ने अपनी बल्लेबाजी में आए निखार का श्रेय हेड कोच गौतम गंभीर और गुजरात टाइटंस के मुख्य कोच आशीष नेहरा को दिया।
मैच में सुंदर का अहम योगदान
सुंदर ने अक्षर पटेल के साथ मिलकर 102 रनों की अटूट साझेदारी निभाई, जो इस जीत की नींव बनी। यह साझेदारी ऐसे समय में आई जब भारत दबाव में था, और दोनों बल्लेबाजों ने संयम के साथ लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को जीत के बंदरगाह तक पहुँचाया।
गंभीर और नेहरा की भूमिका
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुंदर ने खुलकर बताया कि दोनों कोचों ने उनके क्रिकेट को नई दिशा दी। उन्होंने कहा, 'यहाँ गौतम गंभीर ने हमेशा मुझे समझाया कि मैं बैट से असल में क्या कर सकता हूँ, और मुझे अपना गेम समझने में भी मदद की।' सुंदर के अनुसार नेहरा ने उन्हें न केवल एक क्रिकेटर के रूप में, बल्कि एक इंसान के रूप में भी खुद को बेहतर ढंग से समझने में सहायता की।
सुंदर ने कहा, 'आशीष नेहरा ने हमेशा यह पक्का किया है। उन्होंने मुझे खुद को और बेहतर ढंग से समझने में मदद की है, चाहे एक इंसान के तौर पर हो या एक क्रिकेटर के तौर पर।'
तैयारी और भरोसे पर जोर
सुंदर ने अपनी सफलता के पीछे कड़ी तैयारी और आत्मविश्वास को मुख्य कारण बताया। उनके शब्दों में, 'मैं बहुत अच्छी तैयारी करने की कोशिश करता हूँ। मैं यह पक्का करता हूँ कि मैं सब कुछ पूरी तरह से करूँ। मैं बहुत आभारी हूँ कि लोगों ने हमेशा मेरी काबिलियत पर भरोसा किया है।' गौरतलब है कि सुंदर को पिछले कुछ वर्षों में फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में ओपनिंग, मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी और व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में मैच फिनिश करने जैसी अलग-अलग जिम्मेदारियाँ दी गई हैं।
ऑलराउंडर की बहुआयामी भूमिका
सुंदर ने माना कि विभिन्न भूमिकाओं में खेलना उन्हें एक संपूर्ण क्रिकेटर बनाता है। उन्होंने कहा, 'बहुत कम लोगों को अलग-अलग रोल निभाने का मौका मिलता है। मुझे उन अलग-अलग रोल को निभाने और अलग-अलग हालात में रहने का मौका मिलता है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि कम समय में अलग-अलग फॉर्मेट के बीच स्विच करना चुनौतीपूर्ण है, इसलिए तैयारी पर उनका विशेष ध्यान रहता है।
आगे की राह
इंग्लैंड दौरे पर 1-0 की बढ़त के साथ भारत का मनोबल ऊँचा है। सुंदर जैसे ऑलराउंडरों का फॉर्म में होना टीम के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि वे बल्ले और गेंद दोनों से मैच पलटने में सक्षम हैं। सीरीज के अगले मुकाबलों में उनकी भूमिका और भी निर्णायक हो सकती है।