नेतन्याहू शनिवार को अमेरिका रवाना, ट्रंप से मुलाकात अनिश्चित; ईरान युद्ध के बाद पहली यात्रा
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू शनिवार को अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं — यह ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद उनकी पहली अमेरिका यात्रा होगी। हालांकि, इजरायल के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से उनकी बैठक होगी या नहीं, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है।
यात्रा का उद्देश्य
द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू अमेरिका के दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के स्मृति कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए वाशिंगटन जाएंगे। ग्राहम इजरायल के प्रमुख समर्थकों में गिने जाते थे और शनिवार को उनका निधन हो गया। उनके अंतिम संस्कार की तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि नेतन्याहू और ट्रंप के बीच किसी बैठक का कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है। नेतन्याहू कथित तौर पर ट्रंप से मिलने के इच्छुक हैं, परंतु व्हाइट हाउस की ओर से अभी तक कोई पुष्टि नहीं आई है।
पिछली यात्रा और ईरान संकट की पृष्ठभूमि
नेतन्याहू की पिछली अमेरिका यात्रा फरवरी 2026 के मध्य में हुई थी — ईरान पर हमले शुरू होने से कुछ सप्ताह पहले। उस यात्रा के दौरान ट्रंप और नेतन्याहू के बीच तीन घंटे की बैठक हुई थी, जिसके बाद ट्रंप ने कहा था कि वे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अभी भी किसी समझौते की संभावना तलाश रहे हैं।
गौरतलब है कि वह बैठक नेतन्याहू की व्हाइट हाउस की छठी यात्रा थी — जो ट्रंप के दोबारा सत्ता में आने के बाद हुई। वह बैठक बिना किसी संयुक्त सार्वजनिक बयान के समाप्त हुई, और उसके नतीजे ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा किए।
ट्रंप का रुख: बातचीत या टकराव
फरवरी की बैठक के बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था: 'इसके अलावा कुछ भी निश्चित रूप से तय नहीं हुआ कि मैंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान के साथ बातचीत जारी रहनी चाहिए, ताकि यह देखा जा सके कि कोई समझौता हो सकता है या नहीं।' उन्होंने यह भी कहा था: 'अगर ऐसा संभव होता है, तो मैंने प्रधानमंत्री को बताया कि यह मेरी प्राथमिकता होगी। अगर ऐसा नहीं होता, तो हमें देखना होगा कि इसका परिणाम क्या होता है।'
यह बयान उस समय महत्वपूर्ण था जब माना जा रहा था कि नेतन्याहू ईरान के खिलाफ और अधिक सख्त सैन्य कार्रवाई के लिए अमेरिकी समर्थन माँगेंगे।
आगे क्या
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ईरान-इजरायल संघर्ष के भविष्य को लेकर कूटनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है। अगर ट्रंप और नेतन्याहू की मुलाकात होती है, तो यह ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और युद्धविराम की संभावनाओं पर अमेरिकी रुख को स्पष्ट करने का अवसर हो सकती है। फिलहाल दोनों देशों की सरकारें किसी बैठक की पुष्टि करने से बच रही हैं।