सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन पर नेतन्याहू बोले — 'इजरायल ने अपना सबसे बड़ा मित्र खोया'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अचानक निधन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक जगत को स्तब्ध कर दिया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 12 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ग्राहम के साथ खिंचवाई एक तस्वीर साझा करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। नेतन्याहू ने लिखा कि ग्राहम ने अपना जीवन अमेरिका की रक्षा, दोनों देशों के गठबंधन को मजबूत करने और स्वतंत्र विश्व के समर्थन में समर्पित कर दिया।
नेतन्याहू का शोक संदेश
इजरायली प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपने बयान में लिखा, 'हम यह समझते थे कि इजरायल और अमेरिका की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है।' उन्होंने आगे कहा, 'इजरायल ने अपने सबसे बड़े मित्रों में से एक को खो दिया है। अमेरिका ने एक महान देशभक्त को खो दिया है। मैंने एक प्रिय मित्र खो दिया है।' यह बयान उस गहरे व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंध को रेखांकित करता है जो ग्राहम और नेतन्याहू के बीच वर्षों से बना था।
ट्रंप की श्रद्धांजलि
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ग्राहम को 'महान और समर्पित देशभक्त' बताते हुए कहा कि 'उन्हें हमेशा मिस किया जाएगा।' गौरतलब है कि एक समय ग्राहम ट्रंप के कट्टर आलोचक रहे थे, लेकिन बाद में वे उनके प्रमुख समर्थकों में शामिल हो गए थे — यह बदलाव अमेरिकी रिपब्लिकन राजनीति के एक बड़े ध्रुवीकरण का प्रतीक बना था।
ग्राहम का राजनीतिक सफर
दक्षिण कैरोलिना के रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम का शनिवार शाम अचानक बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके कार्यालय ने रविवार सुबह उनके आधिकारिक एक्स अकाउंट से इसकी पुष्टि की। कार्यालय के बयान के अनुसार, 'एक संक्षिप्त बीमारी के बाद सीनेटर ग्राहम का शनिवार शाम देहांत हो गया। परिवार इस समय लोगों से प्रार्थनाओं की अपील करता है और इस बेहद कठिन समय में निजता का सम्मान करने का अनुरोध करता है।'
ग्राहम 1994 में दक्षिण कैरोलिना के तीसरे कांग्रेसनल जिले से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए थे और 2002 में अमेरिकी सीनेट पहुँचे। विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में वे एक प्रभावशाली आवाज माने जाते थे।
इजरायल से विशेष संबंध
ग्राहम अमेरिका में इजरायल के सबसे मुखर समर्थकों में गिने जाते थे। हाल के अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के दौरान वे पाकिस्तान की मध्यस्थता भूमिका को लेकर खुलकर असहमति जता चुके थे और कई मंचों पर कह चुके थे कि उन्हें पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है — एक रुख जो इजरायल की सार्वजनिक स्थिति से मेल खाता था।
आगे क्या
ग्राहम के निधन से अमेरिकी सीनेट में मध्यपूर्व नीति और इजरायल समर्थक खेमे पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। दक्षिण कैरोलिना के गवर्नर को अब उनकी रिक्त सीट भरने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि इजरायल के लिए ग्राहम जैसा मुखर और प्रभावशाली सहयोगी कौन बनेगा।