नेतन्याहू ने पीएम मोदी को दिखाए सारा के रिश्तेदारों के नाम: याद वाशेम यात्रा
सारांश
Key Takeaways
- नेतन्याहू ने पीएम मोदी को सारा के रिश्तेदारों के नाम दिखाए।
- याद वाशेम हिटलर के नाजी शासन में मारे गए यहूदियों की याद में है।
- पीएम मोदी ने पीड़ितों की याद में माल्यार्पण किया।
- यात्रा ने भारत-इजरायल संबंधों को नई दिशा दी।
- नेतन्याहू ने मोदी को भाई कहकर संबोधित किया।
तेल अवीव, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की एक तस्वीर चर्चा का विषय बन गई थी। आखिर पीएम मोदी के भाई समान सच्चे मित्र उन्हें क्या दिखा रहे थे और भारत के प्रधानमंत्री क्या गौर से देख रहे थे? इसका खुलासा नेतन्याहू ने खुद एक्स पर साझा किया।
उन्होंने बताया कि वे अपने मित्र को मृतकों की सूची में अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के रिश्तेदारों के नाम दिखा रहे थे। उन्होंने एक्स पर कुछ तस्वीरों के साथ लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैं आज याद वाशेम गए। हॉल ऑफ नेम्स में, मैंने उन्हें अपनी पत्नी सारा के उन रिश्तेदारों के नाम दिखाए जिन्हें होलोकॉस्ट में मारा गया था।
पीएम मोदी के एक कार्य को अविस्मरणीय बताते हुए उन्होंने आगे कहा, "फिर हमने एक मेमोरियल सेरेमनी की, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने पीड़ितों की याद में माल्यार्पण किया और सम्मान स्वरूप एक पत्थर रखा। हम कभी नहीं भूलेंगे।"
याद वाशेम हिटलर के नाजी शासन के तहत मारे गए 60 लाख यहूदियों की स्मृति में स्थापित किया गया है।
इस दौरे के दौरान कई ऐसे पल आए जो भारत-इजरायल के संबंधों को नया आकार देते दिखे। ये समझौतों और एमओयू से इतर मानव संबंधों की अहमियत को प्रदर्शित करते थे। नेतन्याहू ने पीएम मोदी को बार-बार ग्रेट लीडर, सच्चा-अच्छा दोस्त, और उससे बढ़कर भाई कहा। दुनिया के इन दो बड़े नेताओं ने आम लोगों की तरह हंसी-मजाक किया और भावुक क्षण साझा किए।
नेसेट में पीएम का ऐतिहासिक संबोधन भी यादगार रहा। वे दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति रहे जिन्हें स्पीकर ऑफ द नेसेट सम्मान से नवाजा गया।
दो दिवसीय राजकीय दौरे के आखिरी दिन पीएम मोदी होलोकॉस्ट मेमोरियल भी गए और राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग के साथ एक पेड़ मां के नाम पहल के तहत ओक का पेड़ भी लगाया।