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नेतन्याहू ने भारत को बताया इजरायल का मजबूत मित्र, कहा — '140 करोड़ लोग देते हैं हमारा साथ'

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नेतन्याहू ने भारत को बताया इजरायल का मजबूत मित्र, कहा — '140 करोड़ लोग देते हैं हमारा साथ'

सारांश

इजरायली पीएम नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज पर उपराष्ट्रपति वेंस के उस दावे को सीधे खारिज किया कि ट्रंप इजरायल के एकमात्र सहयोगी हैं — और भारत का नाम लेकर कहा कि 140 करोड़ लोगों का समर्थन उनके साथ है। यह बयान भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी की बढ़ती अहमियत को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में भारत को इजरायल का मजबूत मित्र देश बताया।
नेतन्याहू ने कहा — '140 करोड़ आबादी वाले भारत से हमें जबरदस्त समर्थन मिलता है।' उन्होंने जेडी वेंस के उस दावे से असहमति जताई कि ट्रंप इजरायल के एकमात्र वैश्विक सहयोगी हैं।
नेतन्याहू ने रक्षा, साइबर सुरक्षा और AI क्षेत्रों में कई देशों की सहयोग-इच्छा का उल्लेख किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके प्रधानमंत्री रहते ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 6 जुलाई 2025 को अमेरिकी प्रसारक फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में भारत को इजरायल का एक मजबूत और भरोसेमंद मित्र देश बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस दावे से वे सहमत नहीं हैं, जिसमें वेंस ने कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही इस समय दुनिया के एकमात्र ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं जो इजरायल के प्रति सहानुभूति रखते हैं।

नेतन्याहू का बयान और भारत का उल्लेख

रविवार रात (स्थानीय समयानुसार) प्रसारित इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा, "हमारे कुछ और दोस्त भी हैं, जैसे भारत। 140 करोड़ आबादी वाले इस देश से हमें जबरदस्त समर्थन मिलता है।" उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर भारतीय उपयोगकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी को इस समर्थन का एक ठोस उदाहरण बताया।

नेतन्याहू ने यह भी कहा कि ट्रंप निश्चित रूप से व्हाइट हाउस में इजरायल के सबसे बड़े मित्र रहे हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि हर मुद्दे पर उनकी और वेंस की राय एक जैसी होना अनिवार्य है।

वेंस के बयान से असहमति की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि पिछले महीने उपराष्ट्रपति वेंस ने दावा किया था कि डोनाल्ड ट्रंप ही वर्तमान में दुनिया के एकमात्र ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं जो इजरायल के प्रति सहानुभूति रखते हैं। वेंस ने यह भी कहा था कि यदि वे इजरायली सरकार का हिस्सा होते, तो अपने एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी की आलोचना नहीं करते। नेतन्याहू ने इसी बयान का प्रत्यक्ष खंडन करते हुए भारत का नाम लिया।

रक्षा, साइबर और एआई में सहयोग की चाहत

नेतन्याहू ने दावा किया कि भारत ही नहीं, कई अन्य देशों के नेता भी निजी तौर पर इजरायल का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि ये देश रक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में इजरायल के साथ सहयोग के इच्छुक हैं।

ईरान के परमाणु मुद्दे पर कड़ा रुख

इंटरव्यू में नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी अपना स्पष्ट रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि ईरान के मसले पर उनकी और ट्रंप की सोच एक जैसी है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौता नहीं भी होता है, तब भी उनके प्रधानमंत्री रहते ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।

भारत-इजरायल संबंधों का व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और इजरायल के बीच रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में साझेदारी लगातार गहरी हो रही है। नेतन्याहू का यह बयान न केवल द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती को रेखांकित करता है, बल्कि वैश्विक कूटनीतिक मंच पर भारत की बढ़ती साख को भी दर्शाता है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत सरकार इस बयान पर किस प्रकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह ऐसे समय में आया है जब गाजा संघर्ष को लेकर इजरायल वैश्विक दबाव में है और उसके पारंपरिक पश्चिमी सहयोगी भी सार्वजनिक रूप से दूरी बना रहे हैं। भारत का नाम लेना एक सोचे-समझे कूटनीतिक संदेश जैसा लगता है — यह संकेत देना कि इजरायल के पास वैकल्पिक रणनीतिक साझेदारियाँ हैं। हालांकि, ध्यान देने योग्य है कि भारत सरकार ने स्वयं कभी इस स्तर का खुला समर्थन सार्वजनिक रूप से व्यक्त नहीं किया है — नेतन्याहू ने 'जनता के समर्थन' और 'फेसबुक एक्टिविटी' को आधार बनाया, न कि किसी आधिकारिक राजनयिक बयान को। यह अंतर मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनदेखा रह जाता है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेतन्याहू ने भारत को इजरायल का मित्र क्यों बताया?
नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज इंटरव्यू में उपराष्ट्रपति वेंस के उस दावे का खंडन करते हुए भारत का नाम लिया, जिसमें वेंस ने कहा था कि ट्रंप ही इजरायल के एकमात्र सहयोगी हैं। उन्होंने भारत की 140 करोड़ आबादी और अपने फेसबुक पेज पर भारतीय उपयोगकर्ताओं की सक्रियता को समर्थन का प्रमाण बताया।
जेडी वेंस ने इजरायल के बारे में क्या कहा था?
पिछले महीने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही वर्तमान में दुनिया के एकमात्र ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं जो इजरायल के प्रति सहानुभूति रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि वे इजरायली सरकार का हिस्सा होते, तो अपने एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी की आलोचना नहीं करते।
नेतन्याहू का ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर क्या रुख है?
नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि उनके प्रधानमंत्री रहते ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा, चाहे अमेरिका-ईरान परमाणु समझौता हो या न हो। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उनकी और ट्रंप की सोच एक जैसी है।
भारत-इजरायल संबंध किन क्षेत्रों में मजबूत हैं?
नेतन्याहू के अनुसार, रक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वे प्रमुख क्षेत्र हैं जिनमें कई देश इजरायल के साथ सहयोग के इच्छुक हैं। भारत और इजरायल के बीच इन क्षेत्रों में साझेदारी पहले से ही सक्रिय रही है।
क्या भारत सरकार ने नेतन्याहू के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार भारत सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नेतन्याहू ने अपने दावे का आधार जनता के समर्थन और सोशल मीडिया गतिविधि को बताया, न कि किसी सरकारी बयान को।
राष्ट्र प्रेस
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