नेतन्याहू ने भारत को बताया इजरायल का मजबूत मित्र, कहा — '140 करोड़ लोग देते हैं हमारा साथ'
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 6 जुलाई 2025 को अमेरिकी प्रसारक फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में भारत को इजरायल का एक मजबूत और भरोसेमंद मित्र देश बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस दावे से वे सहमत नहीं हैं, जिसमें वेंस ने कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही इस समय दुनिया के एकमात्र ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं जो इजरायल के प्रति सहानुभूति रखते हैं।
नेतन्याहू का बयान और भारत का उल्लेख
रविवार रात (स्थानीय समयानुसार) प्रसारित इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा, "हमारे कुछ और दोस्त भी हैं, जैसे भारत। 140 करोड़ आबादी वाले इस देश से हमें जबरदस्त समर्थन मिलता है।" उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर भारतीय उपयोगकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी को इस समर्थन का एक ठोस उदाहरण बताया।
नेतन्याहू ने यह भी कहा कि ट्रंप निश्चित रूप से व्हाइट हाउस में इजरायल के सबसे बड़े मित्र रहे हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि हर मुद्दे पर उनकी और वेंस की राय एक जैसी होना अनिवार्य है।
वेंस के बयान से असहमति की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पिछले महीने उपराष्ट्रपति वेंस ने दावा किया था कि डोनाल्ड ट्रंप ही वर्तमान में दुनिया के एकमात्र ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं जो इजरायल के प्रति सहानुभूति रखते हैं। वेंस ने यह भी कहा था कि यदि वे इजरायली सरकार का हिस्सा होते, तो अपने एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी की आलोचना नहीं करते। नेतन्याहू ने इसी बयान का प्रत्यक्ष खंडन करते हुए भारत का नाम लिया।
रक्षा, साइबर और एआई में सहयोग की चाहत
नेतन्याहू ने दावा किया कि भारत ही नहीं, कई अन्य देशों के नेता भी निजी तौर पर इजरायल का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि ये देश रक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में इजरायल के साथ सहयोग के इच्छुक हैं।
ईरान के परमाणु मुद्दे पर कड़ा रुख
इंटरव्यू में नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी अपना स्पष्ट रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि ईरान के मसले पर उनकी और ट्रंप की सोच एक जैसी है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौता नहीं भी होता है, तब भी उनके प्रधानमंत्री रहते ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
भारत-इजरायल संबंधों का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और इजरायल के बीच रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में साझेदारी लगातार गहरी हो रही है। नेतन्याहू का यह बयान न केवल द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती को रेखांकित करता है, बल्कि वैश्विक कूटनीतिक मंच पर भारत की बढ़ती साख को भी दर्शाता है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत सरकार इस बयान पर किस प्रकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया देती है।