13 जुलाई 2026
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कर्नाटक कैबिनेट विस्तार: राहुल गांधी की वापसी के बाद 17 जुलाई तक फैसले की उम्मीद

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कर्नाटक कैबिनेट विस्तार: राहुल गांधी की वापसी के बाद 17 जुलाई तक फैसले की उम्मीद

सारांश

राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने के बाद कर्नाटक कैबिनेट विस्तार की राह खुलती दिख रही है। 40 दिन बाद भी केवल 13 मंत्रियों वाली शिवकुमार सरकार को पूर्ण आकार देने के लिए 17 जुलाई तक हाई कमान का फैसला आ सकता है।

मुख्य बातें

कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार 17 जुलाई 2026 तक होने की संभावना, सूत्रों के अनुसार।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के पदभार के 40 दिन बाद भी मंत्रिमंडल में केवल 13 मंत्री ।
राहुल गांधी के 14 जुलाई या इस सप्ताह के अंत तक भारत लौटने की उम्मीद।
एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मंगलवार को नई दिल्ली लौटेंगे; शिवकुमार भी दिल्ली दौरे पर जाएँगे।
मंत्री पद के इच्छुक कई विधायकों ने दिल्ली में खड़गे से मिलकर अपने दावे पेश किए।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विदेश दौरे से स्वदेश लौटने के बाद कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर पहुँचने की संभावना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बेंगलुरु और नई दिल्ली में हुई कई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद कांग्रेस हाई कमान 17 जुलाई 2026 तक अंतिम निर्णय ले सकती है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के पदभार संभालने के 40 दिन से अधिक बीत जाने के बावजूद मंत्रिमंडल में अभी केवल 13 मंत्री हैं।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार को कई कांग्रेस विधायकों ने बेंगलुरु स्थित मुख्यमंत्री शिवकुमार के आधिकारिक आवास कृष्णा पर उनसे मुलाकात की, जहाँ आगामी मंत्रिमंडल विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, शिवकुमार और केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद दोनों नए मंत्रियों की घोषणा से पहले हाई कमान की अंतिम स्वीकृति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

पिछले कुछ दिनों में मंत्री पद की दावेदारी भी तेज हो गई है। कई इच्छुक विधायकों ने नई दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर उनसे मिलकर अपने दावे प्रस्तुत किए हैं।

हाई कमान की भूमिका

एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस समय बेंगलुरु में हैं और मंगलवार तक नई दिल्ली लौटने की उम्मीद है। राहुल गांधी के 14 जुलाई या इस सप्ताह के अंत तक भारत वापस आने की संभावना बताई जा रही है। मुख्यमंत्री शिवकुमार के भी इसी सप्ताह दिल्ली दौरे पर जाने की उम्मीद है, जहाँ राहुल गांधी और खड़गे से परामर्श के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

अधूरे मंत्रिमंडल का राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार को अपने शासन की गति को लेकर विपक्ष की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि पदभार ग्रहण के 40 दिन से अधिक बाद भी केवल 13 मंत्रियों के साथ काम चलाना प्रशासनिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रहा है। कांग्रेस नेतृत्व ने अब तक कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की है, लेकिन पार्टी सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी की वापसी के बाद विचार-विमर्श में तेजी आना तय माना जा रहा है।

आगे क्या होगा

सूत्रों के अनुसार 17 जुलाई 2026 तक मंत्रिमंडल विस्तार होने की प्रबल संभावना है। राहुल गांधी, खड़गे और शिवकुमार के बीच नई दिल्ली में होने वाली बैठक को इस प्रक्रिया की अंतिम कड़ी माना जा रहा है। नए मंत्रियों की सूची में जाति समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और वरिष्ठता जैसे कारक निर्णायक भूमिका निभाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्षेत्र और गुटों के बीच संतुलन बैठाना कितना जटिल है — यह कोई नई चुनौती नहीं, बल्कि राज्य में हर सरकार गठन के बाद दोहराई जाने वाली कवायद है। असली सवाल यह है कि क्या विस्तार में यह देरी प्रशासनिक अक्षमता को जन्म दे रही है या महज राजनीतिक प्रबंधन का हिस्सा है। राहुल गांधी की वापसी को 'निर्णायक क्षण' के रूप में प्रस्तुत करना हाई कमान की केंद्रीयता को रेखांकित करता है, लेकिन यह राज्य नेतृत्व की स्वायत्तता पर भी सवाल खड़े करता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा?
पार्टी सूत्रों के अनुसार कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार 17 जुलाई 2026 तक होने की संभावना है। राहुल गांधी और एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से परामर्श के बाद मुख्यमंत्री शिवकुमार अंतिम सूची को हरी झंडी दिलाएँगे।
कर्नाटक मंत्रिमंडल में अभी कितने मंत्री हैं?
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के पदभार संभालने के 40 दिन से अधिक बाद भी मंत्रिमंडल में केवल 13 मंत्री हैं। मंत्रिमंडल अभी भी अधूरा है और पूर्ण विस्तार की प्रतीक्षा है।
राहुल गांधी की वापसी का कर्नाटक कैबिनेट विस्तार से क्या संबंध है?
कांग्रेस हाई कमान के सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी के भारत लौटने के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। राहुल गांधी 14 जुलाई या इस सप्ताह के अंत तक स्वदेश लौटने वाले हैं, जिसके बाद शिवकुमार दिल्ली में उनसे और खड़गे से मुलाकात करेंगे।
केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद की इसमें क्या भूमिका है?
केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद और मुख्यमंत्री शिवकुमार दोनों हाई कमान की अंतिम स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार नए मंत्रियों की घोषणा से पहले एआईसीसी की मंजूरी अनिवार्य है।
मंत्री पद के लिए किस तरह की पैरवी हो रही है?
पिछले कुछ दिनों में कई इच्छुक कांग्रेस विधायकों ने नई दिल्ली में एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर उनसे मिलकर अपने दावे प्रस्तुत किए हैं। बेंगलुरु में मुख्यमंत्री शिवकुमार के आधिकारिक आवास कृष्णा पर भी विधायकों की बैठकें हो रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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